नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नकारात्मक राजनीति के कारण 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। वहीं, केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए शाह ने कहा कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी। इस दौरान उन्होंने यमुना की सफाई और दिल्ली के विकास के लिए करीब 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी जिक्र किया।
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी रणनीति, राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष की आलोचना की। साथ ही, उन्होंने दिल्ली में कचरे के ढेरों की सफाई और यमुना नदी को साफ करने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
राहुल गांधी पर अमित शाह का निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह वोट चोरी के मुद्दे को उठाकर घुसपैठियों के वोट बैंक को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से चुनाव नहीं जीत पाई है और उसकी चुनावी मुश्किलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले ही शुरू हो गई थीं।
गृह मंत्री ने कांग्रेस की राजनीति को नकारात्मक बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति के सहारे पार्टी 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव में हार मिलने पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब उसे चुनाव आयोग का काम सही लगता है, लेकिन हारने पर वही पार्टी आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने लगती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को आने वाले लंबे समय तक चुनावी सफलता नहीं मिलने वाली है।
अरविंद केजरीवाल को भी दी चुनौती
अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता आने वाले समय में AAP सरकार को सत्ता से हटाकर पार्टी को करारा जवाब देगी। शाह ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के जरिए राजनीति की है, लेकिन दिल्ली की बुनियादी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने खास तौर पर राजधानी में कचरे के बड़े-बड़े ढेरों का मुद्दा उठाया।
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली में कचरे की समस्या को दूर करने के लिए उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे को हटाकर उन जगहों को बेहतर सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में बदला जा सकेगा।
यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाएं
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने यमुना नदी को साफ करने और दिल्ली में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन योजनाओं में गंदे पानी के उपचार, सीवेज प्रबंधन और पेयजल से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य यमुना में गंदे पानी के प्रवाह को कम करना, नदी की सफाई को बेहतर बनाना और दिल्ली के जल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
शाह ने कहा कि ये परियोजनाएं यमुना के कायाकल्प के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना की सफाई को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में नदी को साफ करने के लिए सरकार की योजनाओं और लक्ष्यों पर चर्चा हुई थी। गृह मंत्री के मुताबिक, केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर इस दिशा में काम कर रही हैं और कम समय में लक्ष्य की दिशा में 40 प्रतिशत से अधिक प्रगति हुई है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रवेश वर्मा के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
दिल्ली के कचरे के ढेरों को पार्कों में बदलने की योजना
अमित शाह ने दिल्ली की लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इन्हें साफ करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर जमा कचरे को हटाने के बाद इन्हें सुंदर सार्वजनिक पार्कों में बदला जा सकता है। दिल्ली में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लंबे समय से पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्या बने हुए हैं। लैंडफिल साइटों से होने वाला प्रदूषण आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान और इन स्थानों का पुनर्विकास सरकार की योजनाओं का अहम हिस्सा है। शाह ने कहा कि यमुना की सफाई, गंदे पानी के उपचार और पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए शुरू की गई परियोजनाएं दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विपक्ष पर हमले के साथ विकास योजनाओं पर जोर
अमित शाह के इस संबोधन में एक ओर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक हमले देखने को मिले, तो दूसरी ओर दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की योजनाओं का भी जिक्र हुआ। शाह ने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने और चुनाव आयोग पर हार के बाद सवाल उठाने का आरोप लगाया। वहीं, अरविंद केजरीवाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि पंजाब में AAP को जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
इसके साथ ही उन्होंने यमुना की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट और पेयजल सुविधाओं से जुड़ी 43 परियोजनाओं को दिल्ली के विकास की दिशा में अहम कदम बताया। इन परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में इनके कार्यान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर निर्भर करेगा।

