नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 3,600 करोड़ रुपए के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हैलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। मिशेल ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच 1999 की प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी थी, जो प्रत्यर्पित व्यक्ति पर मूल अपराध के साथ जुड़े अन्य अपराधों पर भी मुकदमा चलाने की अनुमति देता है। न्यायालय की पीठ ने कहा कि याचिका में कोई विशेष राहत नहीं मांगी गई है, इसलिए इस प्रावधान को असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता।
पीठ ने कहा कि केवल घोषणा नहीं की जा सकती, कार्रवाई का कारण भी होना चाहिए। अदालत ने मिशेल को नई और बेहतर याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी।
मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था, जिसके बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय ने उसे गिरफ्तार किया। वह इस मामले में जांच के दायरे में आए तीन कथित बिचौलियों में से एक है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2010 में हुए सौदे से सरकारी खजाने को लगभग 2,666 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया कि मिशेल ने कंपनी से करीब 225 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे।
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