Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

केदारनाथ यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जगह-जगह लग रहा लंबा जाम

October 4, 2026

केदारनाथ यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जगह-जगह लग रहा लंबा जाम

नेशनल डेस्कः केदारनाथ धाम की द्वितीय चरण की यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही यात्रा मार्ग और यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है। इन दिनों हर दिन 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में निजी और व्यावसायिक वाहन भी केदारघाटी पहुंच रहे हैं। इसका असर रुद्रप्रयाग-श्रीनगर हाईवे से लेकर केदारनाथ हाईवे तक दिखाई दे रहा है।

रुद्रप्रयाग-श्रीनगर हाईवे पर कई घंटे का जाम
यात्रियों और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण रुद्रप्रयाग से श्रीनगर के बीच कई जगह लंबा जाम लग रहा है। सामान्य दिनों में जिस दूरी को तय करने में करीब 45 मिनट लगते हैं, वही सफर अब जाम के कारण तीन से चार घंटे तक का समय ले रहा है।

खास तौर पर सिरोंबगड़ स्लाइडिंग जोन और धारी देवी क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जाम को नियंत्रित करने के लिए दोनों तरफ पुलिस के जवान तैनात हैं और लगातार यातायात को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, वाहनों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण पुलिस के लिए भी स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जाम में फंसे यात्रियों को कई-कई घंटे तक सड़क पर इंतजार करना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और लंबी दूरी से आने वाले श्रद्धालुओं को खास तौर पर परेशानी हो रही है।

रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक बढ़ा ट्रैफिक दबाव
रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक करीब 75 किलोमीटर लंबे रास्ते पर भी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गुप्तकाशी से लेकर सोनप्रयाग और गौरीकुंड तक कई जगह वाहन धीमी गति से चलते दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, हर दिन करीब 6 से 7 हजार छोटे-बड़े वाहन केदारघाटी पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के आने से सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

पार्किंग की कमी बनी बड़ी समस्या
यात्रा मार्ग पर जाम की एक बड़ी वजह पार्किंग की कमी भी सामने आ रही है। सीतापुर, रामपुर और सोनप्रयाग की पार्किंग पूरी तरह भर जाने के बाद बड़ी संख्या में वाहन हाईवे के किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं। सड़क के कई हिस्से पहले से ही संकरे हैं। ऐसे में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण रास्ता और संकरा हो जाता है और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। इस वजह से कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और यात्रियों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भी परेशानी
सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच करीब 6 किलोमीटर का रास्ता यातायात के लिहाज से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। इस हिस्से में सड़क काफी संकरी और सिंगल लेन है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण यहां बड़े वाहनों का संचालन संभव नहीं है। यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पहुंचाने के लिए शटल वाहन और मैक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण इन वाहनों पर भी काफी दबाव बढ़ गया है। कई बार जब इस मार्ग पर जाम की स्थिति बनती है, तो यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पैदल जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़
केदारघाटी होटल एसोसिएशन के सचिव मनोज सेमवाल ने बताया कि यात्रा के दूसरे चरण में यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। आने वाले करीब एक महीने तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के केदारनाथ पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीतापुर, रामपुर, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में पार्किंग की सुविधा सीमित है। पार्किंग भरने के बाद वाहनों को मजबूरी में हाईवे के किनारे खड़ा करना पड़ रहा है, जिससे जाम की समस्या और बढ़ जाती है। उनके मुताबिक, प्रशासन जाम को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण परेशानी अभी बनी हुई है।

स्थायी पार्किंग व्यवस्था की मांग
गौरीकुंड व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष मायाराम गोस्वामी ने कहा कि हर साल केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ यातायात व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त और स्थायी पार्किंग व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। इससे हाईवे पर वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा करने की समस्या कम होगी और यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें