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साइक्लोन ‘दित्वाह’ का असर: तमिलनाडु में झमाझम बारिश, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

नेशनल डेस्क। साइक्लोन दित्वाह भले ही कमजोर होकर गहरे दबाव और फिर लो-प्रेशर एरिया में बदल गया हो, लेकिन इसका असर अब भी तमिलनाडु में भारी बारिश के रूप में जारी है। राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

इन इलाकों में भारी बारिश

कल्लाकुरिची, तिरुकोइलूर, मनालुरपेट्टई और तिरुपलापंडल में मंगलवार रात से लगातार तेज बारिश और गरज के साथ तूफान बना हुआ है। लगातार पानी गिरने से निचले इलाकों में जलभराव बढ़ गया है और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चेन्नई और उसके आसपास के जिले (तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम) तीसरे दिन भी सुबह से लगातार बारिश की चपेट में रहे। शहर की कई मुख्य सड़कों, रिहायशी इलाकों और निचले मोहल्लों में पानी भर गया है। वाहन धीमी गति से चल रहे हैं और कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है।

IMD ने दी भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (आईएएमडी) ने बुधवार को नीलगिरि, इरोड और कोयंबटूर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार, दित्वाह का असर तटीय इलाकों के पास सक्रिय है, जिसकी वजह से उत्तर और पश्चिम तमिलनाडु में बारिश जारी है। भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित की है।

इन शहरों में स्कूल बंद

चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। तचेंगलपट्टू में केवल स्कूल बंद किए गए हैं। कॉलेज खुले रहेंगे। रानीपेट (अरक्कोनम और नेमिली तालुक) में भी स्कूलों की छुट्टी घोषित हुई है। कुड्डालोर, कल्लाकुरिची और विल्लुपुरम में भी बुधवार को स्कूल बंद रहेंगे।

आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सतर्क

उत्तरी और पश्चिमी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सतर्क मोड में हैं। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है। उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता और तटीय क्षेत्रों में बने लो-प्रेशर के कारण बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और बरसात से प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरतें।

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