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Cyclone Ditwah : 100 किमी की रफ्तार से हवाएं, भारी बारिश… तीन राज्यों में IMD का अलर्ट

नेशनल डेस्क। बंगाल की खाड़ी में पहले से साइक्लोन सेन्यार की हलचल थी, लेकिन अब इसके साथ ही चक्रवाती तूफान दितवाह ने भी खतरा बढ़ा दिया है। यह तूफान तेजी से उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। वहीं, दितवाह तूफान ने श्रीलंका में बड़ी तबाही मचाई है। अभी तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है। अब यह तूफान भारत के दक्षिणी राज्यों की ओर बढ़ चुका है, जहां अगले 3 दिन तक मौसम खराब रहने की संभावना है।

100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार तमिलनाडु में 100 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में 60–100 किमी/घंटा की तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। कई स्थानों पर भारी बारिश होगी।

 

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
IMD के मुताबिक, दितवाह तूफान श्रीलंका के तट से होते हुए बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में दाखिल हो रहा है। रविवार सुबह तक यह तूफान उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के पास पहुंच जाएगा। इसके चलते भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

क्या है तूफान की मौजूदा स्थिति
मौसम विज्ञान विभाग के DG डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार तूफान अभी श्रीलंका के पास और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर है। चेन्नई से लगभग 480 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह तेजी से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। 29 तारीख को यह और मजबूत होकर खाड़ी में आगे बढ़ेगा।

 

तूफान के प्रभाव से तमिलनाडु, दक्षिण आंध्र प्रदेश व पुडुचेरी के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। नीचे इलाकों में पानी भरने और पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है।

मछुआरों के लिए चेतावनी जारी
29 और 30 तारीख को समुद्र में बहुत खराब मौसम रहेगा। उंची लहरें उठेंगी। तटीय इलाकों में पानी घुस सकता है। इसलिए मछुआरों को 30 तारीख तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।

कुड्डालोर जिला प्रशासन की तैयारियां
तमिलनाडु के कुड्डालोर जिला कलेक्टर सिबी अधित्या ने बताया IMD ने जिले के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने 22 बहुत ज्यादा खतरे वाले और 39 ज्यादा खतरे वाले स्थान चिन्हित किए हैं जहाँ पानी जल्दी भरता है। पानी निकासी के लिए मशीनें और टीम पहले से तैनात कर दी गई हैं। 233 राहत केंद्र तैयार किए गए हैं जहाँ जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित रखा जाएगा।

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