रोहतक। सिविल अस्पताल में एक महिला डॉटा एंट्री ऑपरेटर ने ड्यूटी चेंज कराने के विवाद में खुदकुशी की कोशिश की। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया। इसके बाद पीजीआईएमएस में रेफर कर दिया।
साथी कर्मचारियों पर परेशान करने का आरोप
पुलिस का कहना है कि महिला ने नोडल अधिकारी, सुपरवाइजर और दो बाकी कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। झज्जर की रहने वाली महिला हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत रोहतक के सिविल अस्पताल की डिस्पेंसरी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर काम कर रही है। ड्यूटी के लिए उसका विवाद हो गया। इसके बाद उसने खुदकुशी की कोशिश की। फिलहाल उसका इलाज पीजीआईएमएस में चल रहा है।
मानसिक रूप से परेशान थी ऑपरेटर
सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी सिविल अस्पताल पहुंची और बाद में पीजीआईएमएस भी गई। पुलिस ने बताया कि महिला ने नोडल अधिकारी, सुपरवाइजर और 2 बाकी कर्मचारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। उसे नाइट ड्यूटी के लिए कहा गया। वो करीब 35 किलोमीटर दूर से वहां पर आती है जिससे वो परेशान थी। आरोपों के मुताबिक उसे छुट्टी देने से भी मना किया जा रहा था। ऐसे में मानसिक तौर पर परेशान होकर उसने ये कदम उठाया। वहीं इन आरोपों के बारे में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
परिजनों की शिकायत पर होगी कार्रवाई : पुलिस
पूरे मामले में बाकी लोगों की भी फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में आर्य नगर थाना पुलिस ने बताया कि एक महिला की खुदकुशी की कोशिश की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। महिला का अभी पीजीआई में इलाज चल रहा है। महिला के परिजनों की शिकायत पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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