DCA System: पिछले कुछ दिनों से कई मोबाइल यूजर्स के फोन पर 127000 नंबर से SMS आने लगे हैं। अचानक आए इन संदेशों ने लोगों को चौंका दिया है। कई लोग इसे स्पैम या किसी तरह की धोखाधड़ी समझ रहे हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यह नंबर किसी स्कैम का हिस्सा नहीं बल्कि एक आधिकारिक पहल का हिस्सा है, जिसका मकसद उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल पर आने वाले प्रमोशनल मैसेज पर बेहतर नियंत्रण देना है।
क्या है 127000 नंबर के पीछे की सच्चाई?
अगर आपको भी इस नंबर से मैसेज मिला है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह संदेश TRAI और RBI के संयुक्त डिजिटल कॉन्सेंट एक्विजिशन (Digital Consent Acquisition – DCA) टेस्ट प्रोजेक्ट के तहत भेजा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य यूजर्स की प्रमोशनल SMS से जुड़ी परमिशन को पारदर्शी और डिजिटल तरीके से मैनेज करना है ताकि ग्राहकों को अनचाहे मैसेज से छुटकारा मिल सके।
क्यों जरूरी हो गया यह प्रोजेक्ट?
ज्यादातर कंपनियां प्रमोशनल SMS भेजने से पहले कंसेंट लेती हैं, लेकिन यह कंसेंट कई बार पुराने पेपर फॉर्म या ऑफलाइन प्रक्रियाओं के जरिए लिया गया होता है। समस्या तब शुरू होती है जब यूजर प्रमोशनल मैसेज बंद करना चाहता है, लेकिन पेपर फॉर्म पर दी गई अनुमति को हटवाना लगभग नामुमकिन साबित होता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं को रोज अनचाहे SMS मिलते रहते हैं। डिजिटल कंसेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम इस परेशानी को खत्म करने का प्रयास है।
कैसे काम करेगा नया डिजिटल कन्सेंट मॉडल?
TRAI–RBI के इस टेस्ट प्रोजेक्ट के तहत –
– बैंक और बिजनेस अपनी पुरानी ऑफलाइन कंसेंट को एक ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड करेंगे।
– इसके बाद ग्राहकों को 127000 नंबर से एक SMS भेजा जाएगा।
– इस SMS में एक सुरक्षित लिंक होगा, जिस पर क्लिक करके यूजर कन्सेंट मैनेजमेंट पेज पर पहुंच जाएगा।
– यहां उपभोक्ता देख सकेंगे कि उन्होंने किन-किन कंपनियों को प्रमोशनल SMS भेजने की अनुमति दी है।
– चाहें तो वे इस परमिशन को जारी रख सकते हैं या एक क्लिक में पूरी तरह वापस ले सकते हैं।
– सबसे खास बात, यह पूरी प्रक्रिया वैकल्पिक (Optional) है। अगर यूजर चाहें तो इस संदेश को नज़रअंदाज़ भी कर सकते हैं।
क्या बदल जाएगा उपभोक्ताओं के लिए?
इस पहल के बाद—
– प्रमोशनल SMS पर कंट्रोल पूरी तरह ग्राहक के हाथ में होगा।
– पेपर फॉर्म आधारित पुरानी परमिशन से छुटकारा मिलेगा।
– अनचाहे मैसेज में कमी आएगी।
– स्पैम-फ्री और पारदर्शी मैसेजिंग सिस्टम बनने में मदद मिलेगी।

