नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर बढ़ गया है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 222 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं आईटीओ में एक्यूआई 269 तक पहुंच गया, जो हवा में प्रदूषण के गंभीर बढ़ते स्तर की ओर इशारा करता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों ने दिल्लीवासियों की चिंता और बढ़ा दी है।
सर्दियों के आते ही बिगड़ता है हवा का हाल
हर साल की तरह इस बार भी ठंड की शुरुआत के साथ दिल्ली की हवा का स्तर लगातार गिर रहा है। वाहन का धुआं, निर्माण कार्यों की उड़ती धूल और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण बढ़ाने के मुख्य कारण बने हुए हैं। यहां तक कि इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी स्मॉग की परत साफ दिखाई दे रही है, जिससे स्थिति की गंभीरता समझी जा सकती है।
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तेज हवा से मिली हल्की राहत
शनिवार सुबह तेज हवाओं के कारण प्रदूषण में थोड़ा सुधार देखा गया, लेकिन यह राहत काफी सीमित रही। सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के साथ हुई, जिसके बीच में स्मॉग की चादर तैरती नजर आई। सुबह एक्यूआई 305 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। शुक्रवार की तुलना में इसमें 64 अंकों की कमी जरूर आई, लेकिन हवा अभी भी साफ नहीं है।
एनसीआर में भी हवा की स्थिति चिंताजनक
दिल्ली से जुड़ी एनसीआर की हवा भी खराब बनी हुई है। नोएडा में AQI सबसे ज्यादा 310 रहा। ग्रेटर नोएडा में 288, गाजियाबाद में 299, गुरुग्राम में 262 का स्तर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, फरीदाबाद की हवा तुलनात्मक रूप से बेहतर रही, जहां एक्यूआई 212 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, लेकिन अन्य शहरों से कम है।
किस स्रोत से कितना प्रदूषण?
दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, प्रदूषण में विभिन्न सेक्शन की हिस्सेदारी वाहनों से प्रदूषण 18.78%, पराली जलाने से 1.26%, निर्माण गतिविधियों से 2.88%, पेरिफेरल इंडस्ट्री से 4.38% और आवासीय इलाकों से 4.83% रही। सीपीसीबी के मुताबिक, शनिवार को हवा उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली। हवा की मिश्रण गहराई 1250 मीटर, जबकि वेंटिलेशन इंडेक्स 6900 m²/s दर्ज किया गया।
दोपहर 3 बजे हवा में प्रदूषक कणों का स्तर PM10: 257.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM2.5: 140.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। ये दोनों ही मानक स्तर से काफी ज्यादा हैं।
अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं
सीपीसीबी का अनुमान है कि मंगलवार तक दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बनी रहेगी। ऐसे में दमा और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
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