Delhi AQI: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। सुबह 7 बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 359 रहा, जो दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी)-III लागू होने के बावजूद ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
इतना रहा AQI
कई इलाकों में घने कोहरे की चादर छाई रही, जिससे रविवार सुबह के 385 एक्यूआई से कोई खास सुधार नहीं हुआ। बवाना में सुबह 7 बजे सबसे अधिक 427 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसके विपरीत, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, एनएसआईटी द्वारका में सबसे कम 225 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के दृश्य ज़हरीले कोहरे की चादर से ढके हुए हैं क्योंकि सीपीसीबी के अनुसार, इस क्षेत्र में एक्यूआई 341 है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। चांदनी चौक में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 383, आरके पुरम में 366, आईटीओ में 394, पंजाबी बाग में 384, पटपड़गंज में 369, पूसा में 365 और द्वारका सेक्टर-8 में 356 दर्ज किया गया।
आनंद विहार की हवा में ज़हरीले धुंध की एक परत छाई हुई है, जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दावा किया है कि इस क्षेत्र के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 383 है, जिसे ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रखा गया है। वायु गुणवत्ता में गिरावट के साथ-साथ घने धुंध के कारण पारा 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जबकि कुछ इलाकों में तापमान इससे भी कम दर्ज किया गया।
AQI का वर्गीकरण
CPCB वर्गीकरण के अनुसार, 0-50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401-500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
GRAP-III लागू
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा 11 नवंबर को पूरे दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) III लागू किया गया। इन उपायों का उद्देश्य निर्माण, वाहनों की आवाजाही और औद्योगिक गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंधों के माध्यम से उत्सर्जन को नियंत्रित करना है।
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GRAP-III के तहत, अधिकांश गैर-ज़रूरी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध, कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए कक्षाओं का निलंबन और हाइब्रिड या ऑनलाइन शिक्षा की ओर रुख, गैर-स्वच्छ ईंधन पर निर्भर औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिबंध और गैर-आपातकालीन डीज़ल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब और हरियाणा सरकारों को पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए उठाए गए कदमों पर एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के संकट में योगदान देता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने आदेश दिया, “हम पंजाब और हरियाणा राज्य को निर्देश देते हैं कि वे पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर एक रिपोर्ट दाखिल करें।” दिवाली के बाद से, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता कई इलाकों में ‘बेहद खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है, जबकि जीआरएपी का चरण III अभी भी प्रभावी है।
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