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आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब के डीजीपी समेत तीन अधिकारियों को किया तलब

Injustice With Opposition MLAs

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नेशनल डेस्क। दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो विवाद मामले में दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को पंजाब पुलिस प्रमुख, जालंधर के पुलिस आयुक्त और पंजाब गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को 27 फरवरी को पेश होने के लिए समन जारी किया है।

सचिवालय ने पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह-II) आलोक शेखर, पंजाब पुलिस प्रमुख गौरव यादव और जालंधर पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर को एक पत्र जारी कर 27 फरवरी को दोपहर 3 बजे दिल्ली विधानसभा के एमएलए लाउंज-I में विशेषाधिकार समिति की बैठक में उपस्थित होने के लिए कहा है। यह नोटिस दिल्ली विधानसभा के कार्य संचालन एवं प्रक्रिया नियमों के नियम 172 और 220 के तहत जारी किया गया है। मामला नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा कथित तौर पर सिख गुरुओं के खिलाफ की गई टिप्पणियों से जुड़े विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों से संबंधित है।

समन में चेतावनी दी गई है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसे विशेषाधिकार हनन या सदन की अवमानना की कार्यवाही की शुरुआत माना जा सकता है। इससे पहले पंजाब सरकार ने जालंधर में दर्ज एफआईआर का बचाव करते हुए दिल्ली विधानसभा को बताया था कि जो वीडियो क्लिप कथित रूप से बनाई, संशोधित या संपादित की गई है, उसे सदन की संपत्ति नहीं माना जा सकता। पंजाब के गृह विभाग के अवर सचिव कैलाश गौतम द्वारा विधानसभा सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर विशेषाधिकार हनन नहीं है।

पंजाब सरकार ने यह भी कहा कि किसी अन्य राज्य में दर्ज एफआईआर की जांच से जुड़े दस्तावेज मांगने का अधिकार किसी राज्य की विधानसभा सचिवालय को नहीं है, खासकर जब मामला सदन की कार्यवाही से संबंधित न हो। इस बीच दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब के अधिकारियों द्वारा भेजे गए जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया है। समिति ने पंजाब सरकार के महाधिवक्ता की पूरी राय 27 फरवरी 2026 तक भेजने को कहा है, ताकि समिति मामले की समीक्षा कर सके।

9 जनवरी को जालंधर पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि दिल्ली विधानसभा में आतिशी के बयान से जुड़े वीडियो का “डॉक्टर्ड” (छेड़छाड़ किया गया) संस्करण प्रसारित किया गया, जिसे सिख गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक माना गया। फिलहाल विशेषाधिकार समिति पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसमें संबंधित अधिकारियों के आचरण और दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी गई जानकारी के निपटारे का भी परीक्षण किया जा रहा है।

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