Last Updated: September 25, 2026

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26 जनवरी को ब्लास्ट की साजिश, लाल किले की हुई थी रेकी, जानें जांच में और क्या क्या हुए खुलासे?

November 12, 2025

26 जनवरी को ब्लास्ट की साजिश, लाल किले की हुई थी रेकी, जानें जांच में और क्या क्या हुए खुलासे?

Delhi Car Blast : देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए ब्लास्ट के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने अब तक 18 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और कई राज्यों में छापेमारी जारी है। इस बीच, उस i20 कार को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है, जिसमें यह धमाका हुआ था।

10 दिन तक यूनिवर्सिटी कैंपस में पार्क रही ब्लास्ट कार

जांच में सामने आया है कि डॉ. उमर की यह i20 कार पिछले 10 दिनों से अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में पार्क थी। कार ठीक बगल में खड़ी स्विफ्ट कार के पास थी, जो डॉ. शाहीन के नाम पर पंजीकृत है। एजेंसियों का मानना है कि कार 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक वहीं पर खड़ी रही। सीसीटीवी फुटेज में तीन लोगों को उस दिन कार के आसपास देखा गया, जब कार का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट बनवाने के लिए बाहर ले जाया गया था।

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धमाके से पहले कई इलाकों में घूमी कार

10 नवंबर की सुबह, घबराए हुए डॉ. उमर ने यूनिवर्सिटी से कार निकाली। जांच में पता चला कि कार पहले मयूर विहार, फिर कनॉट प्लेस, और अंत में चांदनी चौक के सुनेहरी मस्जिद पार्किंग में जाकर खड़ी की गई। यहीं पर सोमवार को धमाका हुआ। सीसीटीवी फुटेज और जीपीएस डेटा से पुलिस ने कार की लोकेशन ट्रैक की है।

विदेश से ऑपरेट कर रहा था हैंडलर

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस पूरे मॉड्यूल का हैंडलर विदेश से ऑपरेट कर रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब इस अंतरराष्ट्रीय कड़ी की जांच में जुटी हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट के साथ हाई-ग्रेड मिलिट्री एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सामान्य बम नहीं था, बल्कि इसे प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया गया था।

लाल किले की हुई थी रेकी, 26 जनवरी था निशाना

पूछताछ में गिरफ्तार डॉ. मुज़म्मिल ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि उसने और डॉ. उमर ने जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की रेकी की थी। एजेंसियों को मुज़म्मिल के फोन के डंप डेटा से इस बात के सबूत मिले हैं कि वह कई बार लाल किले के पास गया था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मकसद 26 जनवरी की परेड के दौरान लाल किले को निशाना बनाना था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस संभावना को गंभीरता से ले रही हैं।

देशभर में रेड, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। अब तक 18 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं, जिनसे पूछताछ जारी है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां अब इस मॉड्यूल के फंडिंग नेटवर्क, डिजिटल ट्रेस और विदेशी संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।

राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली पुलिस ने लाल किला, इंडिया गेट, संसद भवन, और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड लगातार गश्त कर रहे हैं। मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा जांच सख्त कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “ब्लास्ट के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। शुरुआती सबूत बताते हैं कि हैंडलिंग विदेश से हो रही थी। हम तकनीकी डेटा, कॉल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेल की जांच कर रहे हैं।”

 

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