अमृतसर/नई दिल्ली: मुख्यमंत्नी रेखा गुप्ता सोमवार को अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ गुरु की नगरी अमृतसर पहुंचीं और हरमंदिर साहिब में शीश नवाया और दरबार साहब में शुक्राना अदा किया। मुख्यमंत्नी का मानना है कि गुरु कृपा से ही उनकी सरकार ने पिछले माह दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में 3 दिवसीय गुरमत समागम के भव्य व सफल आयोजन किया। मुख्यमंत्नी रेखा गुप्ता ने बताया कि लाल किला पर पिछले माह 23 से 25 नवंबर को तीन दिवसीय ‘गुरमत समागम’ स्वतंत्न भारत के सबसे भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजनों में एक के रूप में स्थापित हुआ।
इस समागम का संयुक्त आयोजन दिल्ली सरकार एवं दिल्ली सिख गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें 6 लाख श्रद्धालुओं ने भागीदारी की, जो एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्नी का कहना है कि लाल लाल किला पर आयोजित ‘गुरमत समागम’ की अद्भुत सफलता गुरु साहिब की ही कृपा है। विशेषकर उस परिस्थिति में जब आयोजन से कुछ दिन पूर्व ही क्षेत्न में बम विस्फोट की आतंकी घटना से पूरा इलाका सहमा हुआ था। मुख्यमंत्नी ने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से यह पूरा आयोजन बिना किसी परेशानी के, अत्यंत सुंदर और शांति से सम्पन्न हुआ। इसलिए वह आज पूरी दिल्ली कैबिनेट के साथ यहां श्री हरमंदिर साहिब में गुरु साहिब का शुक्राना करने आई हैं।

मुख्यमंत्नी ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली सरकार आने वाले पूरे वर्ष गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें वर्ष के अवसर पर विभिन्न कार्यक्र मों का आयोजन करेगी। स्कूलों में बच्चों तक गुरु साहिब की शिक्षाओं और बलिदान की कथा पहुंचाने के लिए विशेष पुस्तकों के प्रकाशन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्नी ने बताया कि देश-भर में विभिन्न सरकारों और संस्थाओं द्वारा भी गुरु साहिब के प्रकाश और शहादत पर्व को अत्यंत श्रद्धा से मनाया जा रहा है। यह सभी प्रयास गुरु साहिब की सार्वभौमिक शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हरमंदिर साहिब की यात्ना उनके और उनकी पूरी सरकार के लिए केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि गुरु परंपरा के प्रति गहरी श्रद्धा, कृतज्ञता और आभार का भाव है।
अपनी इस धार्मिक यात्ना में मुख्यमंत्नी अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ स्वर्ण मंदिर सदृश दिखने वाले प्रसिद्ध दुर्गियाना मंदिर भी पहुंची। वहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश की खुशहाली के लिए कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्नी ने मिहर्ष वाल्मीकि मंदिर (श्री रामतीर्थ मंदिर) में भी माथा टेका ओर आशीर्वाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्नी ने कहा कि उनकी यही कामना है कि भगवान वाल्मीकि जी की कृपा सदैव सब पर बनी रहे। मुख्यमंत्नी ने कहा कि अमृतसर की इस पवित्न भूमि पर दर्शन करना उनके लिए गहरा आध्यात्मिक अनुभव है।
अमृतसर हर रूप में आस्था और ऊर्जा की नगरी है। गुरु की बड़ी कृपा है कि हमें दिल्ली की जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। अमृतसर में स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए प्रेम और स्वागत के प्रति मुख्यमंत्नी ने आभार व्यक्त किया और इसे अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि यही प्यार और आशीर्वाद हमारी ताकत है। आशा है गुरु की कृपा हम सभी पर यूं ही बनी रहे। मुख्यमंत्नी ने विश्वास जताया कि इस आध्यात्मिक ऊर्जा और जनता के समर्थन से प्रेरित होकर, दिल्ली सरकार भविष्य में भी सेवाभाव से जनकल्याण के कार्यों को गति देती रहेगी।