नेशनल डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हाल ही में हुई हमले की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। 20 अगस्त को जनसुनवाई के दौरान हुए इस हमले के बाद सीएम की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए। अब रेखा गुप्ता को दिल्ली पुलिस के बजाय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की वीआईपी सुरक्षा शाखा सुरक्षा प्रदान करेगी।
अब सीएम की सुरक्षा में तैनात होंगे 22 प्रशिक्षित कमांडो
नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रेखा गुप्ता के चारों ओर अब सीआरपीएफ के प्रशिक्षित कमांडो हर समय तैनात रहेंगे। कुल 22 कमांडो उनके सुरक्षा कवच का हिस्सा होंगे। ये वही यूनिट है जो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राहुल गांधी और अन्य बड़े नेताओं को सुरक्षा देती है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री आवास के बाहर दो हथियारबंद जवान 24 घंटे शिफ्ट में तैनात रहेंगे।
सुरक्षा में हाईटेक गाड़ियां और दोहरी तलाशी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री के काफिले में अब अत्याधुनिक और बुलेटप्रूफ गाड़ियां शामिल की गई हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानी जा रही हैं। इसके अलावा, जनसंपर्क या मुलाकात के दौरान आने वाले हर व्यक्ति की दोहरी तलाशी ली जाएगी पहले दिल्ली पुलिस और फिर सीआरपीएफ द्वारा। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री आवास की बनावट बनी चुनौती
रेखा गुप्ता का आधिकारिक आवास 8, राज निवास मार्ग पर स्थित है, जहां चार बंगलों का एक ही प्रवेश द्वार है। इनमें से दो बंगले मुख्यमंत्री के पास हैं, जबकि अन्य दो अन्य मंत्रियों के पास। सभी के लिए एक ही रास्ता होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी में कठिनाई आ रही है। इसके अलावा, बंगलों की चारदीवारी छोटी है, जिससे अनधिकृत प्रवेश का खतरा बना रहता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री आवास की दीवारें ऊंची करने और उन पर कांटेदार तारें लगाने का सुझाव दिया है। साथ ही, नए सुरक्षा चौकियों और सर्वेंट क्वार्टर के लिए अलग रास्ता बनाने की योजना पर भी विचार हो रहा है। सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा के दौरान कई “ब्लाइंड स्पॉट” पाए गए हैं, जिन्हें जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा।
जनसुनवाई प्रक्रिया में भी बदलाव संभव
हमले की घटना के बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया में भी बदलाव की बात की जा रही है। अब जनसुनवाई पूर्व निर्धारित अपॉइंटमेंट के आधार पर हो सकती है, और स्थान या प्रारूप में भी बदलाव संभव है। केंद्र सरकार को इस संबंध में एक विस्तृत सुरक्षा रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

