Last Updated: November 6, 2026

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वजीरपुर में वर्चस्व की लड़ाई, जीत की हैट्रिक लगाने उतरेगी AAP, ‘आप’ का तिलिस्म तोड़ने के लिए उतरेंगे BJP और कांग्रेस

January 14, 2025

वजीरपुर में वर्चस्व की लड़ाई, जीत की हैट्रिक लगाने उतरेगी AAP, ‘आप’ का तिलिस्म तोड़ने के लिए उतरेंगे BJP और कांग्रेस

Delhi Election on Wazirpur Seat : दिल्ली चुनाव में मध्य दिल्ली की सीटें हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। मध्य दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में आने वाली वजीरपुर भी एक ऐसी ही सीट है जो दिल्ली चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष का चुनावी अखाड़ा बनती है। इस सीट पर पिछली दो बार से आम आदमी पार्टी का कब्जा है। इस बार भी आप इस सीट पर हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरेगी जबकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस इस सीट पर आप का तिलिस्म तोड़ने के लिए उतरेंगे।

उत्तरी दिल्ली स्थित वजीरपुर एक हलचल भरा शहरी इलाका है, जो औद्योगिक महत्व, वाणिज्यिक गतिविधि और सुविधाजनक कनेक्टिविटी के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र नेताजी सुभाष प्लेस मेट्रो स्टेशन के करीब स्थित है, और एक प्रमुख वाणिज्यिक एवं औद्योगिक केंद्र के रूप में जाना जाता है। वजीरपुर अपनी औद्योगिक संपदा और विनिर्माण इकाइयों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और अन्य उद्योग शामिल हैं। इन उद्योगों ने इस क्षेत्र को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं और दिल्ली की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वजीरपुर विधानसभा सीट पर 2020 में हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी के राजेश गुप्ता ने 57,331 वोटों के साथ जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के महेंद्र नागपाल को 11,690 वोटों के अंतर से हराया, जिनके खाते में 45,641 वोट आए। कांग्रेस के उम्मीदवार हरिकिशन जिंदल को 3,501 वोट मिले। 2020 के चुनाव में कुल 1,81,241 वोटर्स में से 1,09,654 ने वोट डाले जो कि लगभग 60 प्रतिशत मतदान था। इससे पहले, 2015 के विधानसभा चुनाव में भी राजेश गुप्ता ने भाजपा के महेंद्र नागपाल को हराया था और इस बार भी जीत का अंतर ज्यादा था। 2015 में राजेश गुप्ता को 61,208 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के महेंद्र नागपाल को 39,164 वोट मिले थे। कांग्रेस के हरि शंकर गुप्ता को 8,371 वोट मिले थे।

वजीरपुर विधानसभा सीट पर पहली बार 1993 में चुनाव हुए थे, और तब कांग्रेस के दीप चंद बंधु ने जीत हासिल की थी। उन्होंने 1998 के चुनाव में भी अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की थी। हालांकि 2003 में भाजपा ने कांग्रेस को हराते हुए यह सीट जीत ली थी। भाजपा के मांगे राम गर्ग ने यहां से चुनाव जीता, लेकिन 2008 में उन्हें कांग्रेस के हरिशंकर गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा। साल 2013 में आम आदमी पार्टी की एंट्री के बाद वजीरपुर की राजनीति में बदलाव आया, लेकिन उस चुनाव में आम आदमी पार्टी यहां से जीत हासिल नहीं कर पाई।

साल 2015 में आम आदमी पार्टी ने राजेश गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया, और उन्होंने भाजपा के महेंद्र नागपाल को हराकर यह सीट वापस जीत ली। इसके बाद 2020 में भी वही चुनावी संघर्ष दिखाई दिया, और राजेश गुप्ता ने 11,690 वोटों के अंतर से भाजपा के महेंद्र नागपाल को हराया। कांग्रेस के वोटों में भारी कमी आई थी, और उसे सिर्फ 3,501 वोट मिले थे, जबकि 2015 में उसे 8,371 वोट मिले थे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को सिंगल फेज में होगा। नतीजे का ऐलान 8 फरवरी को होगा।

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