नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के गीता कॉलोनी फ्लाईओवर पर एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया है। इस दुर्घटना में एक बाइक फ्लाईओवर के ऊपर खड़ी मिली, जबकि उस पर सवार तीन लोग फ्लाईओवर के नीचे गंभीर हालत में पाए गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर तीनों लोग फ्लाईओवर से नीचे कैसे गिरे। प्रारंभिक जांच में दो संभावनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पहली संभावना यह है कि बाइक का संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ हो। दूसरी संभावना किसी अन्य वाहन की टक्कर की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
हादसे की असली वजह जानने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही घटनास्थल से जरूरी सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
हादसे में घायल हुए तीनों लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। फिलहाल पुलिस घायलों और उनके परिजनों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
देश में बढ़ रहे सड़क हादसे
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में देशभर में लगभग 4.87 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यह संख्या वर्ष 2023 के मुकाबले करीब 1.48 प्रतिशत अधिक है। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या भी बढ़ी है और यह आंकड़ा 1.77 लाख से अधिक पहुंच गया है। यह स्थिति सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक नुकसान दोपहिया वाहन चालकों को होता है। वर्ष 2024 में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले कुल लोगों में लगभग 46.2 प्रतिशत बाइक और स्कूटी सवार थे। इसके बाद पैदल यात्रियों का स्थान रहा, जिनकी हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं कार, टैक्सी और अन्य छोटी गाड़ियों में सफर करने वाले लोगों की हिस्सेदारी करीब 12.4 प्रतिशत रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट का उपयोग, यातायात नियमों का पालन और वाहन चलाते समय सावधानी बरतकर ऐसे हादसों की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

