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एक बार फिर दिल्ली-NCR की हवा बनी जहर, इन इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI

Delhi pollution : दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। बता दें कि दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। वहीं शनिवार सुबह 6 बजे दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। सबसे अधिक प्रदूषण आनंद विहार इलाके में दर्ज किया गया, जहां एक्यूआई 414 तक पहुंच गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली का औसत 24 घंटे का एक्यूआई 257 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के 38 निगरानी केंद्रों में से 10 केंद्रों ने ‘बहुत खराब’, 24 ने ‘खराब’ और तीन ने ‘मध्यम’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की। आनंद विहार के अलावा, बवाना में 318, चांदनी चौक में 309, अलीपुर में 291, बुराड़ी में 288 और अशोक विहार में 279 एक्यूआई दर्ज किया गया।

प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने विशेष कदम उठाने की तैयारी की है। सरकार जल्द ही ‘क्लाउड सीडिंग’ (कृत्रिम वर्षा) की योजना पर काम शुरू करने जा रही है, ताकि हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों को कम किया जा सके। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान इस मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर है, जिससे हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।

वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (EWS) के अनुमान के मुताबिक, अगले 6 दिनों तक दिल्ली में एक्यूआई ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच रह सकता है। प्रदूषण का मुख्य कारण वाहन उत्सर्जन, पराली जलाना और मौसम में ठहराव बताया जा रहा है। डीएसएस के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को परिवहन उत्सर्जन का योगदान 17.8% रहा। वहीं, उपग्रह डेटा से पता चला है कि पंजाब में 28 और उत्तर प्रदेश में 13 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं।सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 एक्यूआई ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

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