नेशनल डेस्क: दिल्ली में एक बार फिर बम धमकी ने हड़कंप मचा दिया है। बता दें कि आज सुबह राजधानी के दो स्कूलों और एक कॉलेज को धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जैसे ही कंट्रोल रूम को सुबह 7:24 बजे सूचना मिली, तुरंत फायर ब्रिगेड, पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमें अलर्ट मोड में आ गईं और घटनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई सतर्कता
धमकी के बाद संबंधित स्कूल और कॉलेज परिसरों को तुरंत खाली कराया गया। छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बम स्क्वायड द्वारा इलाके की बारीकी से तलाशी ली जा रही है, जबकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि ये धमकी कहां से और किस उद्देश्य से भेजी गई है।
Delhi Public School (DPS) Dwarka received a bomb threat call today. Authorities have evacuated the school premises as a precautionary measure. Police and bomb disposal squads have been called to the spot for search: Delhi Fire Service
— ANI (@ANI) August 18, 2025
पिछले महीने भी मिले थे धमकी भरे ईमेल
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के शिक्षण संस्थानों को इस तरह की धमकियां मिली हैं। बीते जुलाई महीने में भी राजधानी के 20 से ज्यादा स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकियां मिली थीं, जो बाद में झूठी निकली थीं। पुलिस इन मामलों को शरारतपूर्ण हरकत या साइबर स्टंट मान रही है, लेकिन हर बार सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जा रही।
कॉलेजों को भी निशाना बना रहे हैं शरारती तत्व
स्कूलों के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेज आईपी कॉलेज फॉर विमेन, हिंदू कॉलेज और श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को भी पहले इसी तरह की धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। हालांकि अब तक की सभी धमकियां फर्जी पाई गई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहीं।
तीन दिनों में दस से अधिक संस्थानों को मिली थी धमकी
18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने एक बयान में खुलासा किया था कि महज तीन दिनों में लगभग 10 स्कूलों और एक कॉलेज को धमकी भरे ईमेल मिले। इनमें द्वारका का सेंट थॉमस स्कूल, वसंत कुंज का वसंत वैली स्कूल, हौज खास का मदर्स इंटरनेशनल स्कूल और पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल जैसे नामी संस्थान शामिल थे।
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
दिल्ली पुलिस और साइबर क्राइम सेल मिलकर इन धमकियों की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। अब तक मिले सुरागों के आधार पर कुछ संदिग्ध ईमेल आईडी की पहचान की गई है, और जल्द ही इस मामले में कुछ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

