Last Updated: November 2, 2026

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राहुल गांधी की रैली से दिल्ली के कारोबारियों को 12 हजार करोड़ का नुकसान! व्यापारियों ने किया बड़ा दावा

November 2, 2026

राहुल गांधी की रैली से दिल्ली के कारोबारियों को 12 हजार करोड़ का नुकसान! व्यापारियों ने किया बड़ा दावा

नई दिल्लीः दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों की महारैली अब राजनीतिक मुद्दे के साथ-साथ व्यापारियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है। राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई इस रैली के कारण दिल्ली के कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। व्यापारियों का दावा है कि रैली और उससे पहले निकाले गए मार्च के कारण राजधानी के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम रहा और बड़ी संख्या में बाजार बंद रखने पड़े। इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ा।

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया है कि रैली के चलते दिल्ली की करीब ढाई लाख दुकानें बंद रहीं और कारोबारियों को लगभग 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। व्यापारियों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले इस तरह की रैली होने से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

रामलीला मैदान के आसपास 25 बाजारों में कारोबार ठप
राहुल गांधी की रैली और उससे पहले निकाले गए मार्च के कारण सेंट्रल दिल्ली में कई घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। रामलीला मैदान के आसपास मौजूद करीब 25 बाजारों में कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ।

व्यापारियों के मुताबिक, सड़कों पर भारी भीड़ और जाम के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच पाए। इस वजह से कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ीं। CTI का दावा है कि दिल्ली के प्रमुख बाजारों में करीब 80 फीसदी दुकानें बंद रहीं।

दिल्ली के इन बड़े बाजारों पर पड़ा असर
रैली के कारण दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया है। इनमें कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, लाजपत मार्केट, करोल बाग, सदर बाजार, मीना बाजार, चावड़ी बाजार, पहाड़गंज और कनॉट प्लेस समेत करीब 25 बाजार शामिल हैं। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के समय बाजारों में सबसे ज्यादा बिक्री होती है। ऐसे में ग्राहकों का बाजारों तक नहीं पहुंच पाना उनके लिए बड़ा आर्थिक नुकसान साबित हुआ।

12 हजार करोड़ रुपये तक नुकसान का दावा
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, राहुल गांधी की रैली के चलते व्यापारियों को करीब 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। CTI के अलावा देश के पुराने व्यापारी संगठनों में शामिल ‘किराना कमिटी दिल्ली’ और ‘नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल’ ने भी कारोबार को भारी नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया है। व्यापारियों का कहना है कि दीपावली से ठीक पहले कारोबार का प्रभावित होना उनके लिए बड़ी परेशानी है। अब व्यापारी इस नुकसान को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रति नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

रैली रोकने के लिए राहुल गांधी को लिखी गई थीं चार चिट्ठियां
व्यापारियों की नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी है कि उन्होंने रैली से पहले राहुल गांधी को कई बार पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई थी। CTI के मुताबिक, संगठन ने राहुल गांधी को कुल चार चिट्ठियां लिखी थीं और उनसे रैली की तारीख बदलने या फिर रैली का स्थान बदलने की मांग की थी।

कब-कब लिखी गईं राहुल गांधी को चिट्ठियां?

24 अक्टूबर 2026: CTI ने पहली चिट्ठी लिखकर त्योहारों के सीजन को देखते हुए रैली स्थगित करने की मांग की थी।

27 अक्टूबर 2026: दूसरी चिट्ठी लिखकर राहुल गांधी से व्यापारियों की समस्याओं पर बातचीत करने का समय मांगा गया।

28 अक्टूबर 2026: तीसरी चिट्ठी में भी 20 मिनट का समय मांगा गया। व्यापारियों ने कहा था कि वे रैली से होने वाले संभावित नुकसान और कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा करना चाहते हैं।

1 नवंबर 2026: रैली वाले दिन चौथी चिट्ठी लिखकर बाजारों के बंद रहने और कारोबार प्रभावित होने की आशंका से फिर अवगत कराया गया।

व्यापारियों में कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ नाराजगी
दिल्ली के व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही रैली के कारण होने वाली परेशानियों को लेकर चेतावनी दी थी। इसके बावजूद रैली आयोजित की गई। अब व्यापारियों का आरोप है कि त्योहारों के महत्वपूर्ण सीजन में उनका कारोबार प्रभावित हुआ और उन्हें हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। व्यापारी संगठनों की मांग है कि उनके नुकसान और समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। वहीं, इस पूरे मामले के बाद दिल्ली में राजनीतिक रैली और व्यापारियों के हितों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

 

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