Last Updated: November 6, 2026

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नेपाल में विनाशकारी बाढ़: 165 लोगों की मौत,  800 से ज्यादा लापता, राहत-बचाव अभियान जारी

August 27, 2026

नेपाल में विनाशकारी बाढ़: 165 लोगों की मौत,  800 से ज्यादा लापता, राहत-बचाव अभियान जारी

नेशनल डेस्कः नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई इस बाढ़ में अब तक 165 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 800 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार लोगों की तलाश में जुटे हैं। मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

इस आपदा का असर सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रहा। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी कई लोगों की मौत और लापता होने की खबर सामने आई है। वहीं, बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है।

अचानक आई बाढ़ से मची भारी तबाही
बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास के इलाकों से शुरू हुई और देखते ही देखते कई कस्बों और गांवों में फैल गई। तेज बहाव अपने साथ बड़ी मात्रा में पानी, पत्थर और मलबा लेकर आया। इससे कई सड़कें और जरूरी पुल बह गए। कई इलाकों का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। बाढ़ की चपेट में आने से करीब एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। भोटे कोशी नदी और आसपास की नदियों में अचानक पानी बढ़ने से हालात और खराब हो गए। नेपाल के रसुवा और धाडिंग जिलों के कई इलाकों पर इसका गंभीर असर पड़ा।

 

भूकंप के कुछ मिनट बाद आई बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने संसद को बताया कि तिब्बत क्षेत्र में सुबह करीब 8:37 बजे स्थानीय समय पर भूकंप आया था। इसके लगभग तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली।

इसी वजह से अधिकारियों को आशंका है कि भूकंप के झटकों से पहाड़ों या ग्लेशियरों में हलचल हुई होगी और इसी कारण अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया होगा। हालांकि, बाढ़ की वास्तविक वजह की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।

लहेंडे नदी में बढ़ा पानी
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा पर लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और पानी के तेज बहाव से हालात बिगड़े। इसके बाद पानी भोटे कोशी नदी तक पहुंचा और वहां से त्रिशूली नदी में भी पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया। इससे सीमा के पास स्थित तिमुरे शहर और आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई।

826 लोगों से टूटा संपर्क
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, बाढ़ के बाद 826 लोगों का संपर्क टूट गया है। इनमें बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं। लापता लोगों में करीब 579 पर्यटक शामिल हैं। लगभग 85 सशस्त्र बलों के जवान लापता बताए गए हैं। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और कस्टम कार्यालयों में काम करने वाले करीब 162 कर्मचारी भी संपर्क में नहीं हैं। बाढ़ में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके कई शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, कुछ शवों की पहचान अभी बाकी है।

300 से ज्यादा भारतीय नागरिक लापता
नेपाल में आई इस बाढ़ में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने गुरुवार को बताया कि 300 से ज्यादा भारतीय नागरिकों का पता नहीं चल पाया है। लापता भारतीयों में कई ऐसे लोग भी हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। बाढ़ के कारण कई भारतीय तीर्थयात्री अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं। एक ट्रैवल एजेंसी, सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी, के मुताबिक कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों में शामिल थे।

भारतीय दूतावास ने शुरू की मदद
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन शुरू की है। इसके अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने भी अपने नागरिकों और उनके परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। परिवार अपने लापता परिजनों की जानकारी लेने और उनके बारे में अपडेट पाने के लिए इन हेल्पलाइन के जरिए संपर्क कर रहे हैं।

चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी तबाही
बाढ़ का असर नेपाल के साथ-साथ चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भी हुआ है। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, वहां भी कई लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग लापता बताए गए हैं। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, तिब्बत क्षेत्र में 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि 588 लोग लापता बताए गए हैं। इससे पता चलता है कि आपदा का असर सीमा के दोनों तरफ काफी व्यापक रहा है।

भयावह वीडियो आया सामने
बाढ़ से हुई तबाही का एक भयावह वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग अचानक बढ़ते पानी और मलबे से बचने के लिए भागते हुए दिखाई देते हैं। कुछ ही पलों में तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में मलबा लेकर आता है और आसपास की चीजों को तबाह कर देता है। वीडियो से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ कितनी तेजी से और अचानक आई होगी।

राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरक्षाबल, स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई जगहों पर संचार और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है।

मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका
नेपाल में स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और कई प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है। इस वजह से अधिकारियों को आशंका है कि आने वाले समय में मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है। बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हो सकेगा।

यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को भी सामने लाती है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को सुरक्षित ढूंढना और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना है।

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