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‘लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही’, उत्तराखंड त्रासदी पर बोले PM Modi

Dharali tragedy

Dharali tragedy

Dharali tragedy : उत्तराखंड के धराली में मंगलवार को बादल फटने की घटना सामने आई। इस घटना में कई लोगों ने अपनी जान गवां दी है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बादल फटने से प्रभावित लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात की है और स्थिति के बारे में नवीनतम जानकारी प्राप्त की है और केंद्रीय मदद का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि बचाव दल लोगों के बचाव के लिए हर संभव प्रयास में लगे हुए हैं।

धराली त्रासदी: प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, “उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।”

अमित शाह ने मुख्यमंत्री धामी से बात की
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और धराली में अचानक आई बाढ़ के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सात बचाव दल भेजने का भी आदेश दिया।

शाह ने X पर लिखा, “उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली। ITBP की निकटतम 3 टीमों को वहाँ भेज दिया गया है, साथ ही NDRF की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं, जो शीघ्र पहुँच कर बचाव कार्य में लगेंगी।।”

धराली में भीषण बादल फटने की घटना
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब गंगोत्री के रास्ते में पड़ने वाले धराली के ऊंचाई वाले गावों में भीषण बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें कई घर क्षतिग्रस्त हो गए या पानी में बह गए और कम से कम चार लोगों की मौत हो गई।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड के मातली में तैनात अपनी 12वीं बटालियन से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 16 सदस्यीय एक टीम धराली पहुंच गई है, जबकि इतनी ही संख्या वाली एक अन्य इकाई को भी बादल फटने वाली जगह पर पहुंचने के लिए कहा गया है।

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