हिसार। जजपा के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने बताया कि हिसार में 27 अप्रैल को न्याय के लिए महापंचायत का आयोजन होगा। इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ये बात उन्होंने हांसी में कही।
बोले- चाचा और ताऊओं को भी बुलाऊंगा
किसान नेता राकेश टिकैत के बयान पर दिग्विजय चौटाला ने कहा कि उनकी सलाह सिर माथे पर। मैं 36 बिरादरी को इक्कठा करूंगा, खापों, पंचायतों और किसान संगठनों के पास जाऊंगा और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए समर्थन मांगूंगा। उन्होंने कहा कि हमारा परिवार एक है, आदित्य चौटाला और सुनैना चौटाला सहित परिवार के मुखिया रणजीत चौटाला ने हिसार की घटना को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि गांव को इक्कठा करेंगे तो मैं मेरे सभी चाचा (अभय) ताऊओं को भी बुलाऊंगा।
रुठों को मनाने की कोशिश करेंगे
राकेश टिकैत ने कहा था कि आंदोलन के दौरान अगर जननायक जनता पार्टी किसानों का साथ देती तो आज वे हरियाणा के मुख्यमंत्री होते। इस पर दिग्विजय ने कहा कि हमारी लड़ाई भगवाकरण करने वालों से है। हमसे किसी की नाराजगी हो सकती है, लेकिन यह लड़ाई उससे बड़ी है। जो लोग हमसे नाराज हैं, उन्हें हम मनाने का काम करेंगे।
बोले- पुलिसकर्मी को धक्का सेल्फ डिफेंस में था
दिग्विजय ने हिसार के एसपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जजपा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठा चुकी है। कहा कि एक झूठ को छिपाने के लिए कई झूठ बोले जा रहे हैं। पुलिसकर्मी को धक्का देने के आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पुलिस वाले को धक्का मारा, लेकिन वह सेल्फ डिफेंस में था। उस समय मेरे सामने बदमाश खड़ा था। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग उन पर धक्का देने के आरोप लगा रहे हैं, वे तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।
केजरीवाल से मिल आए दिग्विजय
दिग्विजय चौटाला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से जांच कराने के बयान पर कहा कि दो गमले टूटने पर FIR हो गई पर बंदूक दिखाने पर अब तक नहीं हुई। दिग्विजय ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के लिए कहा कि लंबे समय से उनकी भेंट नहीं हो पाई थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर चिंता भी जाहिर की। दिग्विजय चौटाला ने हिसार सीआईए इंचार्ज पवन के ससुर की ओर से जननायक जनता पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पार्टी के लिए कुर्बानी दी है।
दामाद को बचाने के लिए समझौता
दामाद को बचाने के लिए उन्हें समझौता करना पड़ा और कई बार ऐसी परिस्थितियों में पार्टी छोड़नी पड़ती है। वहीं, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी ने कोई ज्ञापन नहीं लिया, वीसी तो पीछे के रास्ते से निकल गए थे। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के दावों को भी गलत बताया।

