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कंगना और बाबा रामदेव के बीच खत्म हुआ विवाद, रक्षाबंधन पर भेजी मिठाई और तोहफा

baba ramdev vs kangana

नेशनल डेस्कः अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच हाल ही में ‘जनरेशन गटर’ वाली टिप्पणी को लेकर विवाद काफी बढ़ गया था। दोनों ने इस मामले पर एक-दूसरे की आलोचना की थी। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव ने विवाद को खत्म करने की पहल की। उन्होंने कंगना रनौत को अपनी बहन बताते हुए उनके लिए मिठाई और एक तोहफा भेजने की बात कही। साथ ही उन्होंने लोगों से समाज में नफरत और आपसी दुश्मनी खत्म करने की अपील भी की।

कंगना को भेजी मिठाई और तोहफा
बाबा रामदेव ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह अपनी बहन कंगना रनौत को रक्षाबंधन के मौके पर डाक के जरिए मिठाई और तोहफा भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी कारण से लोगों के बीच नफरत नहीं होनी चाहिए। एक-दूसरे के प्रति दुश्मनी रखने के बजाय विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। रामदेव ने साफ कहा कि उन्होंने कंगना के साथ अपनी सारी नाराजगी और दुश्मनी खत्म कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि वह कंगना को रक्षाबंधन की बधाई देने के लिए फोन करेंगे।

बोले- विवाद नहीं, बातचीत से हल होनी चाहिए समस्या
बाबा रामदेव ने इस मौके पर लोगों से आपसी मतभेद बातचीत के जरिए दूर करने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय आपस में बात करके उसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना जरूरी है। किसी भी मुद्दे को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ नफरत या दुश्मनी रखना सही नहीं है।

रामदेव ने बताया रक्षाबंधन का महत्व
बाबा रामदेव ने रक्षाबंधन के त्योहार के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भाई-बहन के बीच प्रेम और अपनापन बढ़ाने का प्रतीक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मान्यता के अनुसार द्रौपदी ने भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि पुराने समय में ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रियों को भी राखी बांधने की परंपरा रही है। रामदेव ने कहा कि भारत का इतिहास ज्ञान और वीरता का सम्मान करने वाला रहा है। ऐसे में रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी देता है।

कंगना ने रामदेव को बताया बड़ा भाई
बाबा रामदेव के इस बयान के बाद कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि त्योहार का दिन पुरानी गलतियों और नाराजगी को भूलकर आगे बढ़ने का अवसर होता है। कंगना ने बाबा रामदेव की उस बात की भी सराहना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि विवाद बढ़ाने के बजाय संवाद यानी बातचीत होनी चाहिए। कंगना ने कहा कि रक्षाबंधन के दिन वह बाबा रामदेव की भेजी मिठाई और उनके बड़े भाई का प्यार दोनों स्वीकार करती हैं। उन्होंने इसके लिए रामदेव को धन्यवाद दिया और उनके लंबे जीवन की कामना की।

‘जनरेशन गटर’ टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, यह विवाद जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कंगना रनौत की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों को लेकर कंगना ने ‘जनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उनकी इस टिप्पणी की मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों और आम लोगों ने आलोचना की थी। बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई थी।

रामदेव ने भी कंगना पर जताई थी नाराजगी
कंगना की टिप्पणी पर बाबा रामदेव ने भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कंगना के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहते। रामदेव ने कंगना की योग्यता, उनके बचपन, जवानी और पहले के कामों को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनके इस बयान के बाद दोनों के बीच विवाद और चर्चा में आ गया था।

अब दोनों ने खत्म की नाराजगी
रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव द्वारा कंगना को बहन बताकर मिठाई और तोहफा भेजने की घोषणा के बाद विवाद को खत्म करने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश सामने आया है।
वहीं, कंगना ने भी रामदेव के प्यार और मिठाई को स्वीकार करते हुए उन्हें अपना बड़ा भाई बताया है। दोनों के बयानों से अब यह संकेत मिलता है कि पुरानी नाराजगी को पीछे छोड़कर रिश्ते को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले में दोनों की ओर से दिया गया ‘विवाद नहीं, संवाद’ का संदेश लोगों से आपसी मतभेद बातचीत और समझदारी से सुलझाने की अपील करता है।

 

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