जालंधर: लीगल एड डिफैंस काऊंसिल (एल.ए.डी.सी.) नीति के विरोध में जिला बार एसोसिएशन, जालंधर का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के तीसरे दिन न्यायिक परिसर के बाहर आयोजित सांकेतिक भूख हड़ताल में बड़ी संख्या में वकीलों ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि स्वतंत्र वकालत, बार की गरिमा और न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए लड़ा जा रहा है।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान आदित्य जैन और सचिव रोहित गंभीर की अध्यक्षता में आयोजित आंदोलन के दौरान वकीलों ने स्पष्ट किया कि संयुक्त संघर्ष समिति (जेएसी), पंजाब के आह्वान पर पिछले कई दिनों से पूरे प्रदेश में एल.ए.डी.सी. नीति के विरोध में “नो वर्क डे” मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला बार एसोसिएशन, जालंधर ने भी आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। बार पदाधिकारियों ने कहा कि तीसरे दिन की भूख हड़ताल में बड़ी संख्या में वकीलों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि पूरा वकील समुदाय एल.ए.डी.सी. नीति के विरोध में एकजुट है।
उन्होंने कहा कि जब तक वकीलों की वास्तविक चिंताओं पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 24 जुलाई को भी जिला बार एसोसिएशन “नो वर्क डे” मनाएगी तथा न्यायिक परिसर के बाहर चौथे दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। बार एसोसिएशन के अनुसार शुक्रवार को चौथे दिन की भूख हड़ताल में कुल 57 वकील भाग लेंगे।
इनमें जूनियर वाइस प्रैसीडैंट सूरज प्रताप सिंह, कार्यकारिणी सदस्य अमानत भगत, मेहुल खन्ना, प्रभु धीर, विजय मिश्रा, पूर्व प्रधान आर.के. भल्ला, ओम प्रकाश शर्मा, बलविंदर सिंह लक्की, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश कुमार जस्सी, संदीप कालिया, पूर्व जूनियर उपाध्यक्ष अमृतपाल सिंह भराज, पूर्व कार्यकारिणी सदस्य अंजू बाला, मंजू बाला, रीमा चंद, देविंदर राणा, विकास थापर, पूर्व संयुक्त सचिव अमनदीप सिंह जम्मू सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ, महिला एवं युवा वकील शामिल रहेंगे।
बार एसोसिएशन ने सभी सदस्यों को “नो वर्क डे” का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक परिसर के कमरा नंबर 130, 220 और 412 केवल फाइलें रखने तथा क्लर्कों के उपयोग के लिए खुले रहेंगे। इन कमरों में किसी भी सदस्य को बैठकर पेशेवर कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले सदस्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

