
DLed Diploma Holders : छत्तीसगढ़ के DLed डिप्लोमाधारियो ने एक बार पुन: उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है जिस पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने DLed डिप्लोमा धारकों को प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने के लिए राज्य सरकार को सख्त निर्देश जारी किया है।
DLed डिप्लोमा धारकों ने उच्च न्यायालय में चौथी बार अवमानना याचिका लगाई है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ ने कल राज्य सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा, कि सुप्रीम कोर्ट और उसके बाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी राज्य सरकार आदेश का परिपालन करने के बजाय लगातार अवहेलना कर रही है। अवमानना याचिका की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़कर उनकी बातें सुनी थी।
विभागीय अधिकारियों के जवाब सुनने के बाद कोर्ट ने 21 दिनों के भीतर प्राइमरी स्कूलों में नौकरी कर रहे बीएड डिग्रीधारकों को बाहर निकालने और उनकी जगह मेरिट के आधार पर DLed डिप्लोमा धारकों को नियुक्ति देने के लिए सूची जारी करने कहा था। हाईकोर्ट द्वारा तय की गई समय सीमा बीते जाने के बाद भी जब राज्य शासन की ओर से नियुक्ति देने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई तब डिप्लोमा धारकों ने न्यायालीयन आदेश की अवहलेना का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है।
मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अफसर ने बताया कि DLed डिप्लोमा धारकों की मेरिट के आधार पर सूची बनाने और जारी करने की जिम्मेदारी व्यापम को दी गई है। व्यापम की ओर से इस संबंध में विलंब किया जा रहा है।
जस्टिस अरविन्द वर्मा की बेंच ने राज्य शासन से कहा है कि सात दिनों के भीतर DLed डिप्लोमा धारकों की चयन सूची जारी करें, जिनको प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जानी है। अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।