नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि विद्याíथयों को अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए। मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरी कड़ी में कहा कि मोबाइल फोन उन कुछ बच्चों के मालिक बन गए हैं, जो उनके या टैलीविजन स्क्रीन के बिना खाना भी नहीं खा सकते। मोदी ने कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात में विद्याíथयों से हुई बातचीत में कहा, इसका मतलब है कि आप मोबाइल के गुलाम बन गए हैं। आपको यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि आप अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देंगे।
प्रधानमंत्री ने विद्याíथयों से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से न डरें, बल्कि उनका उपयोग अपने कौशल को निखारने और अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए करें। उन्होंने विद्याíथयों से परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने का भी आग्रह किया। मोदी ने कहा, परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करने के बाद आपको कभी तनाव महसूस नहीं होगा। रात में अच्छी नींद लेने से आप दिन भर खुश रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई कि देश के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र भी विकसित भारत 2047 के सपने को अपने मन में संजोए हुए हैं।
उन्होंने कहा, यह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। हमें विकसित देशों की आदतों को अपनाना चाहिए -हमें लाल बत्ती पर इंजन बंद करना चाहिए, भोजन नहीं छोड़ना चाहिए और भोजन की बर्बादी कम करनी चाहिए.. अनुशासन हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है..। प्रधानमंत्री ने कहा, नेता बनने के लिए पहल करने की मानसिकता विकसित करें। नेतृत्व का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है। नेतृत्व की एक बड़ी खूबी कम से कम 10 लोगों को अपने विचार स्पष्ट रूप से संप्रेषित करने की क्षमता है।