हमारे देश में कहावत है कि कभी महिला की उम्र नहीं पूछनी चाहिए। इसके पीछे कारण कुछ भी हो। आजकल सोशल मीडिया में इससे संबंधित एक संदेश वायरल हो रहा है। मामला तो लगभग 4 साल पुराना है, लेकिन वायरल है इसलिए ताजा लग रहा है।
लंबे समय तक पछताती रही कंपनी
यह मामला मशहूर कंपनी Domino’s से जुड़ा है। आज से करीब 4 साल पहले कंपनी ने एक साक्षात्कार का आयोजन किया था। इसमें कई कैंडिडेटस ने भाग लिया। इसी में शामिल हुई एक महिला। इस महिला कैंडिडेट ने कंपनी को एक सवाल पूछने पर कोर्ट में घसीट लिया। इसके बाद मुआवजा लेने के बाद ही पीछा छोड़ा। यह मामला आयरलैंड का है, जहां मशहूर कंपनी डोमिनोज लंबे समय तक पछताती रही कि उसने इंटरव्यू में महिला की उम्र क्यों पूछी।
उम्र-लिंग के आधार पर भेदभाव का आरोप
आयरलैंड में रहने वालीं जेनिस वॉल्श ने उम्र और लिंग के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने कंपनी के खिलाफ केस कर दिया था। घबराई कंपनी ने पहले उससे माफी मांगी, फिर मामले को रफादफा करने के लिए उन्हें बतौर मुआवजा 3 लाख भी दिए। जानकारी के अनुसार वॉल्श का कहना है कि वह पिज्जा कंपनी की ब्रांच में डिलीवरी ड्राइवर की पोजिशन के लिए इंटरव्यू देने गई थीं, जहां उनसे पहला सवाल उनकी उम्र को लेकर पूछा गया।
उम्र लिखकर लगाया था गोला
महिला ने आरोप लगाया कि सवाल पूछने के बाद इंटरव्यू लेने वालों ने उनकी उम्र लिखी और उस पर गोला लगा दिया। उनसे कहा कि जितनी उम्र वह बता रही हैं, उतने की दिख नहीं रही। जब उसको नौकरी नहीं मिली, तो यकीन हो गया था कि यह उनकी उम्र और लिंग के चलते हुआ है। इसके बाद वॉल्श ने ब्रांच से संपर्क करके बताया कि इंटरव्यू में उन्हें किस तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ा। ब्रांच के जवाब से वह संतुष्ट नहीं हुईं। उसने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मन बनाया। नॉर्दर्न आयरलैंड इक्वेलिटी कमिशन ने उनके दावे का समर्थन किया। आयोग की सीनियर लीगल ऑफिसर मैरी किटसन ने एक बयान में कहा कि रिक्रूटमेंट और सेलेक्शकन प्रोसेस में शामिल लोगों को दूसरों के अधिकार पता होने चाहिए। यह बेहद महत्वकपूर्ण है कि लोग किसी खास जॉब के लिए अपना निर्णय लेने में पुरानी सोच को बरकरार न रखें।
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