इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अपनी टैरिफ नीति पर पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कुछ टैरिफ लगाए थे और उन्हें अवैध करार दिया। अदालत ने इन टैरिफ को हटाने का आदेश दिया, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने नया कदम उठाते हुए 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लागू करने की घोषणा कर दी।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि इस नए ग्लोबल टैरिफ का भारत के साथ चल रहे व्यापार समझौते पर क्या असर पड़ेगा। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा। कुछ भी नहीं बदलेगा। भारत टैरिफ देगा, जबकि अमेरिका नहीं देगा और इसे उन्होंने पहले की स्थिति से उलट बताया।
नया 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और यह फिलहाल 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद इस मुद्दे पर अमेरिकी संसद में प्रस्ताव लाया जाएगा। संसद तय करेगी कि इस टैरिफ को आगे भी जारी रखना है या नहीं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नए फैसले के बाद भारत पर कितना टैरिफ लगेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू था। यूरोपीय संघ और जापान पर 15 प्रतिशत, ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था। अब 10 प्रतिशत के एक समान ग्लोबल टैरिफ लागू होने के बाद माना जा रहा है कि भारत पर भी टैरिफ घटकर 10 प्रतिशत हो सकता है। हालांकि इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
ट्रंप ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता जारी रहेगा। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को हटाने और नई व्यवस्था के तहत इसे 18 प्रतिशत तक सीमित करने की बात कही थी।
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने यह दावा भी दोहराया कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराया था। उनका कहना था कि दोनों देशों को 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुरोध के बाद भारत ने रूस से तेल खरीद में कमी की। हालांकि इन दावों को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि 10 प्रतिशत का यह अस्थायी आयात शुल्क अमेरिका में आने वाले सभी विदेशी सामान पर लागू होगा। सरकार के मुताबिक, यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार असंतुलन को ठीक करने, घरेलू उद्योगों, किसानों और निर्माताओं की रक्षा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। ट्रंप ने दोहराया कि टैरिफ उनकी आर्थिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे अमेरिका को फायदा होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने नाराजगी जताई और कहा कि यह निर्णय निराशाजनक है। उन्होंने कुछ जजों की आलोचना भी की। हालांकि अदालत के आदेश के तुरंत बाद उन्होंने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत का नया अस्थायी आयात शुल्क लागू कर दिया। फिलहाल इस फैसले का वैश्विक व्यापार और खासकर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।