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Haryana : साइबर ठगी रोकने को अभेद्य ऐप, डबल ओटीपी शुरू

सोनीपत। साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने सोमवार को बताया कि नागरिकों को अब अभेद्य मोबाइल ऐप और डबल ओटीपी प्रणाली से अतिरिक्त सुरक्षा दी जाएगी।

बोले- अब घबराने की जरूरत नहीं

यह कदम लोगों को मानसिक और आर्थिक शोषण से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस ने नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क रहें। पुलिस के अनुसार अभेद्य ऐसा मोबाइल मंच है जो अंतरराष्ट्रीय और वर्चुअल नंबर पहचानकर उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है। विदेश से आने वाली संदिग्ध धमकी भरी कॉल अपने आप अस्वीकार हो जाती हैं। ऐप संदिग्ध चैट, आवाज संदेश और डराने वाले नोटिफिकेशन हटाने में भी मदद करता है ताकि नागरिक भयमुक्त रहें।

सहायता के लिए यहां करें कॉल

सहायता के लिए लैंडलाइन 01722-930112 और चौबीसों घंटे व्हाट्सऐप नंबर +91 9056555492 जारी किया गया है। साइबर ठग अक्सर बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ओटीपी हासिल कर लेते हैं। इसे रोकने के लिए पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के सहयोग से डबल ओटीपी प्रणाली लागू की है। साठ वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के बैंक लेनदेन पर अब दो ओटीपी आएंगे। पहला ओटीपी बुजुर्ग के पास और दूसरा उनके द्वारा नामित विश्वसनीय परिजन के पास जाएगा। लेनदेन तभी पूरा होगा जब दोनों की पुष्टि मिल जाएगी। इससे ठगों द्वारा बनाया गया मानसिक दबाव विफल होगा।

+92 से धमकी मिले तो 1930 पर करें कॉल

पुलिस प्रवक्ता रविंद्र सिहं ने बताया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि विदेशी नंबरों जैसे +92 से धमकी भरी कॉल आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या डायल 112 पर सूचना दें। वरिष्ठ नागरिक पुलिस आयुक्त कार्यालय से संपर्क कर अभेद्य ऐप की सुविधा और बैंक खातों में डबल ओटीपी सक्रिय करवा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता से ही साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई संभव है।

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