नई दिल्ली : रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्रस्तावित ईवी नीति 2026 का ड्राफ्ट सार्वजनिक कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ, सुलभ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल ₹3,954.25 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। ड्राफ्ट पर आम जनता और संबंधित हितधारकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक दो, तीन और चार पहिया वाहनों की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी दी जाएगी।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर पहले साल अधिकतम ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 तक की सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं, इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 तक प्रोत्साहन मिलेगा। इलेक्ट्रिक चार पहिया माल वाहनों के लिए यह राशि पहले साल ₹1 लाख तक निर्धारित की गई है। नीति के तहत पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
इलेक्ट्रिक दोपहिया पर ₹10,000, तीन-पहिया पर ₹25,000 और इलेक्ट्रिक कारों पर ₹1 लाख तक अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यह सुविधा बीएस-IV और उससे पुराने वाहनों पर लागू होगी। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत तक छूट देने का भी प्रस्ताव रखा है। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को 2030 तक पूर्ण छूट मिलेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को 50 प्रतिशत तक राहत दी जाएगी। चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना बनाई गई है, जिसमें दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा।
इसके अलावा, नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। नीति में भविष्य के लिए अनिवार्य प्रावधान भी शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तीन-पहिया और 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के पंजीकरण की अनुमति होगी। साथ ही, स्कूल बसों और सरकारी वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह नीति दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और हरित परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगी, जिससे नागरिकों को बेहतर और सुलभ परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी।