फरीदाबाद। शहीद नायक रघुवीर सिंह राजकीय उच्च विद्यालय सोतई में एक पीटीआई और लैब अटेंडेंट के स्कूूल में कोल्ड ड्रिंक में शराब पीने का आरोप साबित हो गया है। ये मामला पुराना है।
अब निदेशालय को लिखा पत्र
इस मामले में जिला शिक्षा विभाग की ओर से एक कमेटी बनाई गई थी। इसे मामले की जांच सौंपी थी। अब कार्रवाई के लिए पीटीआई रामजीत सिंह और लैब अटेंडेंट जितेंद्र के खिलाफ जिला मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से निदेशालय को पत्र लिखा है। स्कूल के प्रधानाचार्य की शिकायत पर मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ समयपाल और तीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों की कमेटी मामले की जांच के लिए बनाई थी। मामले को लेकर अध्यापकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों से पूछताछ की गई।
कमेटी ने शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपी
जांच पूरी होने के बाद कमेटी की ओर से बुधवार को रिपोर्ट जिला मौलिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई। विभाग की ओर से निदेशालय को रिपोर्ट सौंप दी गई है। फिलहाल पीटीआई रामजीत सिंह कर्दम और लैब अटेंडेंट जितेंद्र का दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही निदेशालय से इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
यह है पूरा मामला
जिला शिक्षा विभाग को दी शिकायत में प्रधानाचार्य डाॅ. अशोक कुमार ने बताया है कि 23 अप्रैल को करीब 1.05 बजे स्पोर्ट्स रूम में जांच के लिए क्लर्क प्रवीण यादव और प्राइमरी विंग इंचार्ज अनिल कुमार के साथ पहुंचे थे। मौके पर पीटीआई रामजीत सिंह कर्दम और लैब अटेंडेंट जितेंद्र के हाथ में कोल्ड ड्रिंक से भरे गिलास थे। इसमें शराब मिली हुई थी। तलाशी लेने पर उनके बैग में शराब की दो बोतलें भी मिली थी। जब प्रधानाचार्य ने शराब की बोतल वाले बैग को उठाया तो उनके साथ हाथापाई की गई थी। आरोपितों ने बोतल में बची शराब को उनके ऊपर गिरा दिया और जान से मारने की भी धमकी दी। इस पूरे मामले की शिकायत लेकर प्रधानाचार्य सहित अन्य अध्यापक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। जिसके बाद जांच कमेटी की गठन किया गया था।
दोनों को बर्खास्त करने के लिए लिखा पत्र
इस संबंध में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार का कहना है कि मामले की जांच में सामने आया है कि पीटीआई और लैब अटेंडेंट ने शराब पी थी। फिलहाल इनका ट्रांसफर कर दिया गया है। निदेशालय और सरकार से पीटीआई और लैब अटेंडेंट को बर्खास्त करने के लिए पत्र लिखा गया है। जिससे भविष्य में इस तरह की गलती कोई अध्यापक न दोहरा सके।
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