नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में यूनिवर्सिटी की छात्रा के साथ दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। बता दें कि, दिल्ली यूनिवर्सिटी के लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास एक छात्रा पर एसिड अटैक किया गया। बताया जा रहा है कि पीड़िता पर यह हमला उस युवक ने किया जो पिछले कई महीनों से उसका पीछा कर रहा था। उसके साथ दो और साथी भी मौजूद थे, जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
यह घटना न केवल छात्रा के जीवन को हमेशा के लिए बदल गई है, बल्कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक्शन लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है। आयोग ने पुलिस को पांच दिनों के भीतर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) जमा करने के निर्देश दिए हैं। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के अपराधों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि समाज में डर का माहौल बने और भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने की हिम्मत न कर सके।
आरोपियों को हो कड़ी सजा
महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (IPC) के तहत कठोर धाराओं में केस दर्ज किया जाए।
साथ ही, आयोग ने BNSS की धारा 357A और 357C के प्रावधानों का पालन करने के आदेश दिए हैं जिनके तहत पीड़ित को तत्काल चिकित्सकीय सहायता, अस्थायी और अंतिम मुआवजा, काउंसलिंग और दीर्घकालिक पुनर्वास की सुविधा दी जाती है। ये सभी प्रावधान दिल्ली विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम के अंतर्गत आते हैं, जो ऐसे मामलों में पीड़ितों को आर्थिक व सामाजिक सहयोग प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं।
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महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ये वारदात सभी महिलाओं की सुरक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है। बता दें कि इस वारदात को लेकर छात्र संगठनों और नागरिकों ने इस घटना के खिलाफ गहरी नाराज़गी जताई है और राजधानी में कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

