Last Updated: September 21, 2026

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देश में एक बार फिर भूकंप से कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग, जानें कितनी थी तीव्रता

March 22, 2026

देश में एक बार फिर भूकंप से कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग, जानें कितनी थी तीव्रता

Earthquake in Sikkim : सिक्किम राज्य से एक बार फिर से भूकंप की खबर सामने आई है। जहां, शनिवार रात लगभग 8 बजकर 41 मिनट पर यहां 4.1 तीव्रता का हल्का भूकंप महसूस किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र मंगन जिले में जमीन से करीब 14 किलोमीटर नीचे था। अच्छी बात यह रही कि इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है। हालांकि झटके महसूस होते ही लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

दो दिन पहले भी आए थे झटके
यह पहली बार नहीं है जब हाल में सिक्किम में भूकंप आया हो। इससे दो दिन पहले भी यहां भूकंप के दो हल्के झटके महसूस किए गए थे। पहला भूकंप सुबह 4:26 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.6 थी। दूसरा झटका 2.7 तीव्रता का था। ये दोनों झटके गंगटोक के आसपास के इलाकों में महसूस किए गए। इन भूकंपों में भी किसी प्रकार के नुकसान या चोट की कोई खबर नहीं आई।

भूकंप क्यों आते हैं?
भूकंप धरती के अंदर होने वाली हलचल के कारण आते हैं। हमारी पृथ्वी कई बड़ी-बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है। ये प्लेट्स लगातार धीरे-धीरे हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो ऊर्जा निकलती है, जिससे जमीन हिलती है—इसे ही भूकंप कहते हैं।

भूकंप के कारण:

  • जमीन हिलती है

  • इमारतें गिर सकती हैं

  • लोगों की जान को खतरा होता है

भारत में भूकंप के जोन

भारत का लगभग 59% हिस्सा भूकंप के खतरे वाले क्षेत्रों में आता है। वैज्ञानिकों ने देश को 4 भूकंप जोन में बांटा है:

  • जोन-2: कम खतरा

  • जोन-3: मध्यम खतरा

  • जोन-4: ज्यादा खतरा

  • जोन-5: सबसे ज्यादा खतरा

दिल्ली जोन-4 में आता है, जहां बड़े भूकंप आने की संभावना रहती है।

भारत में खासकर इन क्षेत्रों में भूकंप का खतरा ज्यादा है

  • हिमालय क्षेत्र

  • पूर्वोत्तर भारत

  • कच्छ (गुजरात)

इसका कारण यह है कि भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकरा रही हैं।

रिक्टर स्केल क्या होता है?
भूकंप की ताकत को मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अनुसार भूकंप का असर इस तरह होता है।

  • 4.0 – 4.9: हल्का झटका, सामान हिल सकता है

  • 5.0 – 5.9: फर्नीचर हिलने लगता है

  • 6.0 – 6.9: इमारतों को नुकसान हो सकता है

  • 7.0 – 7.9: इमारतें गिर सकती हैं

  • 8.0 – 8.9: बहुत ज्यादा तबाही, सुनामी का खतरा

  • 9.0 या अधिक: बेहद खतरनाक और विनाशकारी

 

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