नेशनल डेस्क। शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डरा दिया। कोलकाता समेत कई जिलों में जमीन हिलती हुई महसूस की गई। झटके आते ही लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के टुंगी से लगभग 27 किलोमीटर पूर्व बताया गया। मिली जानकारी के अनुसार झटके सुबह 10:38 बजे दर्ज किए गए। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप के बाद कई इलाकों में हल्के झटके भी महसूस हुए।
बंगाल के कई जिलों में महसूस हुई हलचल
पश्चिम बंगाल के जिन जिलों में झटके महसूस हुए, उनमें शामिल हैं—
सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि त्रिपुरा के कई हिस्सों में भी कंपन महसूस किया गया। माना जा रहा है कि ढाका में आए भूकंप के बाद इसके प्रभाव कोलकाता और पूर्वोत्तर राज्यों तक फैल गए।
#Earthquake possibly felt 29 sec ago in #Bangladesh. Felt it? Tell us via:
📱https://t.co/QMSpuj6Z2H
🌐https://t.co/AXvOM7I4Th
🖥https://t.co/wPtMW5ND1t
⚠ Automatic crowdsourced detection, not seismically verified yet. More info soon! pic.twitter.com/aVeWXbQGLh— EMSC (@LastQuake) November 21, 2025
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी आए झटके
भूकंप सिर्फ भारत-बांग्लादेश तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी इसी समय पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तान में 5.2 तीव्रता का भूकंप
पाकिस्तान में तड़के भूकंप आया। तीव्रता 5.2 रिक्टर स्केल दर्ज की गई। केंद्र जमीन से 135 किलोमीटर गहराई पर था। लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात—किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली।
अफगानिस्तान में दो बार झटके महसूस हुए
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार पहला झटका रात 1:59 बजे आया (गहराई 190 किमी)। दूसरा झटका सुबह 3:09 बजे पाकिस्तान में महसूस हुआ, जिसकी तीव्रता भी 5.2 रही।
यह इलाका भूकंप के लिए बेहद संवेदनशील क्यों है?
अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप-प्रवण (Earthquake-Prone) क्षेत्रों में आता है। इस क्षेत्र में भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट लगातार एक-दूसरे की तरफ बढ़ रही हैं और टकरा रही हैं, जिससे अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
क्यों आते हैं भूकंप
भूकंप को समझने के लिए धरती की संरचना जानना जरूरी है। धरती की सतह प्लेटों से बनी है। पृथ्वी की ऊपरी परत (क्रस्ट + ऊपरी मेंटल) कई बड़े टुकड़ों में बंटी होती है। इन्हें टेक्टोनिक प्लेटें कहते हैं। ये प्लेटें बहुत धीमी गति से लगातार हिलती-डुलती रहती हैं।
प्लेटों की टकराहट से पैदा होती है ऊर्जा
जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं, या आपस में रगड़ खाती हैं, तो इनके बीच बहुत ज्यादा ऊर्जा जमा हो जाती है। एक समय बाद यह ऊर्जा अचानक निकल जाती है, और उसी झटके को हम भूकंप कहते हैं।
ये भी पढ़ें: पंजाब में फिर बदला मौसम का मिज़ाज, सुबह-शाम बढ़ी ठंड, जानें ताजा अपडेट
मेष: दिन शुभ रहेगा...