Maharashtra Earthquake: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में गुरुवार तड़के भूकंप के लगातार झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों के कई इलाकों में लोगों ने धरती को हिलते हुए महसूस किया। झटके महसूस होते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि फिलहाल कहीं से भी जान-माल के नुकसान या किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रात करीब 1:37 बजे से सुबह 3:23 बजे के बीच अलग-अलग समय पर कुल चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 से 4.6 के बीच दर्ज की गई। लगातार कम समय में कई झटके आने की वजह से लोगों में डर का माहौल बन गया और कई लोग काफी देर तक खुले स्थानों पर ही रहे।
जानकारी के मुताबिक, पहला झटका रात 1:37 बजे आया। इसका केंद्र सिरली-पांगरा शिंदे गांव के आसपास जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया। उस समय अधिकांश लोग सो रहे थे, लेकिन तेज कंपन महसूस होने के बाद उनकी नींद खुल गई और वे तुरंत घरों से बाहर निकल आए।
इसके बाद रात 2:15 बजे दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र ककड़धाबा गांव के पास बताया गया। इस भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई। इसके केवल दो मिनट बाद, रात 2:17 बजे तीसरा झटका भी महसूस हुआ। वहीं चौथा और आखिरी झटका सुबह 3:23 बजे दर्ज किया गया। लगातार चार झटकों ने पूरे इलाके में लोगों की चिंता बढ़ा दी।हालांकि इन भूकंपों के बाद प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। शुरुआती रिपोर्ट में किसी इमारत के गिरने, बड़े नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
बता दें मराठवाड़ा क्षेत्र पहले भी भूकंप के झटके महसूस कर चुका है। इसी वर्ष अप्रैल महीने में हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। उस दौरान पांगरा शिंदे गांव में कुछ मकानों और एक सामुदायिक भवन में दरारें पड़ गई थीं। इसके अलावा नांदेड़, अर्धापुर, हदगांव, हिमायतनगर और परभणी के कई हिस्सों में भी कंपन महसूस किया गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंपों के दौरान लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

