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चुनाव आयोग की बड़ी घोषणा: 12 राज्यों में शुरू होगा SIR का दूसरा चरण, बिहार बना रोल मॉडल

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बिहार में पहले चरण का संचालन बेहद सफल रहा, जिसके बाद अब दूसरे फेज में 12 राज्यों में एसआईआर अभियान शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “मुद्रण/प्रशिक्षण का कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगा। घर-घर गणना चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक की जाएगी। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर 2025 को होगा। दावे और आपत्ति अवधि 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दाखिल की जाएंगी। जिन लोगों को नोटिस जाएंगी उनकी सुनवाई और सत्यापन 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक होगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फ़रवरी 2026 को किया जाएगा।”

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का दूसरा चरण 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा। इन 12 राज्यों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार शामिल हैं।

साथ ही उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों ने एसआईआर प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया और यह मॉडल अब अन्य राज्यों में भी अपनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है ताकि हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो सके।

21 साल बाद दोबारा शुरू हुई विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया

चुनाव आयोग के अनुसार, देश में 21 साल बाद पहली बार इस तरह का व्यापक विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र नाम सूची में बना न रहे। पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हर राज्य में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।”

कैसे चलेगा एसआईआर अभियान

एसआईआर अभियान के तहत हर घर पर बीएलओ (Booth Level Officer) तीन बार जाएंगे और वहां के निवासियों की मतदाता जानकारी को सत्यापित करेंगे। जिन राज्यों में यह प्रक्रिया लागू होनी है, वहां आज रात 12 बजे से मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया जाएगा, यानी किसी भी प्रकार का परिवर्तन या संशोधन प्रक्रिया शुरू होने तक नहीं किया जा सकेगा।

एसआईआर का उद्देश्य

मतदाता सूची में त्रुटियों का सुधार,

नए योग्य मतदाताओं का नामांकन,

पुरानी और निष्क्रिय प्रविष्टियों को हटाना,

और संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखना।

इस प्रक्रिया से चुनाव आयोग को उम्मीद है कि आने वाले चुनावों में अधिकतम मतदाता भागीदारी सुनिश्चित होगी।

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2026 में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव

आयोग ने बताया कि वर्ष 2026 में असम, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।
इन्हीं राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि चुनाव से पहले मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन हो सके।

पहले चरण की सफलता से बढ़ा आत्मविश्वास

बिहार में पहले चरण की सफलता के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि वहां के अनुभव से मिली सीख को अन्य राज्यों में लागू किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और बीएलओ की सक्रिय भूमिका की वजह से यह अभियान सफल साबित हुआ।

किन राज्यों में होगा अगला चरण

हालांकि आयोग ने फिलहाल सभी राज्यों की सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुद्दुचेरी जैसे राज्य दूसरे चरण में शामिल किए जा सकते हैं।चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की है ताकि एसआईआर अभियान को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।

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