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चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था नहीं बल्कि ‘सरकार की कठपुतली’ : रणदीप सुरजेवाला

June 8, 2025

चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था नहीं बल्कि ‘सरकार की कठपुतली’ : रणदीप सुरजेवाला

Election Commission : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रविवार को केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई है, बल्कि ‘सरकार की कठपुतली‘ बन गई है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

CEO ने नहीं उपलब्ध कराई मतदाता सूची-
यहां एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिर्फ महाराष्ट्र की मतदाता सूची का डेटा मांगा था। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बीच महज 60-70 दिनों में वहां 50 लाख नए मतदाताओं का जुड़ना संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में दिल्ली में मामला दर्ज किया गया और अदालती आदेश के बावजूद महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने मतदाता सूची उपलब्ध नहीं कराई।

उन्होंने कहा, ‘प्रतिदिन एक लाख मतदाता जुड़ रहे हैं, ये आंकड़े अपने आप में संदेह पैदा करते हैं। चुनाव आयोग की खामोशी और निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।’

RSS की विचारधारा विभाजनकारी-
सुरजेवाला ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस ने देश की आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन वे अंग्रेजों के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि आरएसएस महात्मा गांधी बनाम नाथूराम गोडसे की विचारधारा के आधार पर देश को बांटने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह विचारधारा न केवल विभाजनकारी है, बल्कि देश की आत्मा के भी खिलाफ है।”

पाकिस्तान आतंकवाद को पालने वाला देश-
रणदीप सुरजेवाला ने भारत की विदेश नीति को “बेकार” करार देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पाकिस्तान को आतंकवाद निरोधक समिति का उपाध्यक्ष बनाया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद को पालने वाला देश है, जहां आतंकवादियों को भी मुआवजा दिया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर PM करें फैसला-
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब अपनी आंखें और कान खोलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस फैसले का विरोध करना चाहिए।”

सुरजेवाला का बहादुरगढ़ दौरा भले ही एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए था, लेकिन उनका रुख साफ तौर पर राजनीतिक गर्मी को बढ़ाने के लिए था। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरएसएस और भाजपा की विचारधारा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

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