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Haryana : कागजों में बिजली, खेतों में अंधेरा, आ गया बिल

Electricity on paper, bill received

Electricity on paper, bill received

सोनीपत। सोनीपत जिले के गांव सांदल खुर्द में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। किसान अमित ने खेत के ट्यूबवेल के लिए नियमों के अनुसार आवेदन कर पूरी राशि जमा कराई, लेकिन चार महीनों बाद भी ट्यूबवेल तक बिजली सप्लाई नहीं पहुंची। इसके बावजूद निगम ने कनेक्शन सफल होने का बिजली बिल जारी कर दिया।

2023 में किया था ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन

किसान अमित ने बताया कि वर्ष 2023 में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। अगस्त 2024 में 20 हजार रुपये अग्रिम जमा करवाए गए। इसके बाद विभाग ने ट्रांसफार्मर, तार और अन्य सामान के लिए एक लाख 45 हजार 770 रुपये का इस्टीमेट तैयार किया। ठेकेदार को काम के लिए नौ हजार 400 रुपये अलग से दिए गए। किसान ने सभी राशि समय पर जमा करा दी। जनवरी 2026 में ठेकेदार खेत में पहुंचा और ट्रांसफार्मर लगाया, लेकिन पूरा सिस्टम तैयार नहीं किया।

मीटर को तार से बांध कर छोड़ा

मीटर को सही ढंग से लगाने के बजाय तार से बांधकर छोड़ दिया गया। मीटर से ट्यूबवेल तक सप्लाई जोड़ने की बात कहने पर ठेकेदार ने फोटो लेकर बाद में काम पूरा करने का भरोसा दिया, पर आज तक काम अधूरा है। कनेक्शन चालू न होने के बावजूद निगम ने दो महीनों का करीब 500 रुपये का बिजली बिल भेज दिया। किसान का कहना है कि जब ट्यूबवेल तक बिजली पहुंची ही नहीं तो बिल भेजना गलत है। लगाए गए ट्रांसफार्मर के तिरछा खड़े होने और उससे तेल टपकने का भी आरोप लगाया गया है। इस्टीमेंट में शामिल कई सामान मौके पर लगाए ही नहीं गए।

कर्ज से ले रहा था कनेक्शन, नहीं मिला पानी

कर्ज लेकर कनेक्शन कराने वाले किसान को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाया, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। कई शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसान ने बिना उपयोग के भेजे गए बिल माफ करने और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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