यमुनानगर। मौसम बदलते ही छछरौली के बनसंतूर स्थित चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र में हथनियों की डाइट भी बदलने लगी है। अब इन्हें फल, सब्जियां और चेरी शामिल की है, इनकी यह डाइट नहीं नहीं रुकेगी।
यहां रह रही हैं तीन हथनियां
बनसंतूर में तीन हथनियां रह रही हैं। इसके लिए वन्य प्राणी विभाग ने 26 लाख का टेंडर लगाया है। चौधरी सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र में 66 वर्षीय लक्ष्मी एक, 42 वर्षीय लक्ष्मी दो और 46 वर्षीय लीली रह रही हैं। इन हथनियों की देखरेख के लिए महावत और एक सहायक तैनात है। वेटनरी डाक्टर, केंद्र कोआर्डिनेटर, मैनेजर और वन्य प्राणी विभाग के इंचार्ज निगरानी करते हैं। इनकी डाइट का विशेष ध्यान रखा जाता है। एक हथनी को डाइट में पांच किलो फल, 15 किलो ताजी हरी सब्जियां, छह किलो खिचड़ी, दलिया, चावल, दाल और 250 किलो हरा चारा दिया जाता है।
हरियाली के कारण नहीं लगती गर्मी
हथनियों की डाइट में मौसम के अनुसार बदलाव किया जाता है। यदि किसी हथनी को अधिक गर्मी लगती है तो उसे गोंद कतीरा दिया जाता है। हालांकि बनसंतुर में काफी हरियाली है। ऐसे में यहां पर गर्मी अधिक नहीं लगती। इसी तरह से सर्दियों में अधिक ठंड होने पर च्यवनप्रास तक दिया जाता है। हरा चारा भी सीजन के लिए तय किया जाता है। सर्दियों में गन्ना दिया जाता है। गर्मियों में गन्ने के बजाय चेरी जैसा चारा दिया जाता है। गर्मियों में हथनियों के नहाने के लिए तालाब बने हुए हैं, जिसमें यह नहाती हैं।
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