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किसानों की इथेनॉल ब्लेंडिंग से बढ़ी आय, बीते 11 वर्षों में 1.18 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान

Ethanol blending

Ethanol blending

Ethanol blending : सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग के जरिए एक तरफ देश के कच्चे तेल आयात को कम करके बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत कर रही है। दूसरी तरफ इससे किसानों को भी बड़ा फायदा हो रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत सरकार बीते 11 वर्षों में अब तक किसानों को 1,18,126 करोड़ रुपए से भी अधिक का भुगतान कर चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से 1,36,655 करोड़ रुपए विदेशों में जाने से बचे हैं, जिससे देश को बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत करने में मदद मिली है। वहीं, इस दौरान इथेनॉल को 232 लाख मीट्रिक टन क्रूड ऑयल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इससे कार्बन उत्सजर्न में 698 लाख मीट्रिक टन की कमी दर्ज की गई है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इथेनॉल नए भारत के ग्रोथ इंजन की शक्ति बन रहा है। इसके हर एक बूंद में किसान का स्वाभिमान है, सम्मान है और इससे वे आर्थकि रूप से मजबूत हो रहे हैं। 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को हम समय से पूर्व हासिल कर चुके हैं।‘

इससे पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि ई20 (इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) अब सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों – इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम – के सभी रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने 2025 की शुरुआत में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो 2030 की मूल समय सीमा से छह साल पहले है, और यह स्वच्छ ईंधन की दिशा में देश की यात्रा में मजबूत प्रगति को दर्शाता है।

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