रायबरेली जिले में जन्म प्रमाणपत्रों की आड़ में चल रहे बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। जालसाजों ने बांग्लादेशी, रोहिंग्या और पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध लोगों को भारतीय नागरिक दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का जाल बिछाया था। सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, लहुरेपुर और गढ़ी इस्लामनगर गांवों में रिकॉर्ड पर 400 से अधिक काल्पनिक परिवार दर्ज कर दिए गए, जबकि मौके पर इनमें से कोई भी परिवार मौजूद नहीं मिला।
जांच के दौरान पता चला कि कई नामों पर 11 से 25 तक बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए थे। बुधवार को प्रशासन ने ऐसे 250 से ज्यादा प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया।
एनआईए के हस्तक्षेप के बाद हुए विस्तृत सत्यापन में कई चौंकाने वाली गड़बड़ियों का खुलासा हुआ। नुरुद्दीनपुर में आरिफ मलिक के नाम पर 15 बच्चों के रिकॉर्ड दर्ज पाए गए, जबकि गांव में उनका अस्तित्व नहीं मिला। इसी तरह अजमत अली के 13 और इमरान खान के नौ बच्चों के कागज भी फर्जी निकले। ऐश मोहम्मद, अब्दुल अजीज, अब्दुल अली और अकबर अली के नाम पर भी गलत पते दिखाकर जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। जांच में छह संदिग्ध विदेशी—चार बांग्लादेशी और दो रोहिंग्या—की पहचान भी हुई।
जिले के पंचायतीराज अधिकारी सौम्यशील सिंह के अनुसार, सर्वर समस्याओं के बीच फर्जी प्रमाणपत्रों को लगातार निरस्त किया जा रहा है। अब तक कुल 1046 जन्म प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके हैं। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टाफ बढ़ाकर कार्रवाई तेज की जाएगी।

