फतेहाबाद। गेहूं का भुगतान नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर किसानों ने टोहाना की अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष लाभ सिंह की अगुवाई में किया।
उठान धीमी तो भुगतान भी धीमा
किसान नेता लाभ और रमेश ने बताया कि आठ अप्रैल से मंडी में गेहूं की बोली शुरू हुई थी, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी केवल 30 फीसदी ही गेहूं का उठान हो पाया। उठान नहीं होने के कारण भुगतान भी अटक गया। किसान नेताओं ने कहा कि सीएम सैनी 72 घंटे में भुगतान का दावा करते हैं, पर उनके 72 घंटे कितने बड़े हैं, ये अब पता लग रहा है। आठ अप्रैल के अनाज का पैसा आज तक नहीं मिला।
चुनाव आते ही उठता है एसवाईएल मुद्दा
किसानों ने भाखड़ा बांध से स्थानीय अधिकारियों को हटाने की केंद्र की नीति का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि बांध पंजाब-हरियाणा की संपत्ति है। केंद्र कॉर्पोरेट घरानों को बेचने की चाल चल रहा है। SYL मुद्दे पर उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही पानी का मुद्दा गरमाया जाता है, बाद में सब भूल जाते हैं। यह हमें लड़ाने की सियासत है। किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव से उठान, भुगतान और मंडी में पड़ी फसल का हिसाब मांगा। बताया कि बच्चों की फीस और अगली फसल की बुवाई के लिए पैसे नहीं हैं।
केवल 34 फीसद भुगतान ही बकाया
मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग ने कहा कि टोहाना मंडी और खरीद केंद्र में 8.91 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा। इसमें 85 प्रतिशत लिफ्टिंग हैफेड और वेयर हाउस कर चुके हैं। एजेंसियों के मुताबिक केवल 34 फीसद भुगतान रहता है। सचिव ने माना कि उठान धीमी है। इस संबंध में एजेंसियों को नोटिस दिए गए। उठान के बाद ही भुगतान होता है। दोनों एजेंसियों ने कहा है कि अगले 5-6 दिन में 95-98 प्रतिशत लिफ्टिंग हो जाएगी कि सचिव ने भरोसा दिलाया। किसानों ने चेताया कि भुगतान नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा।
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