नई दिल्ली : राहुल गांधी की ओर से टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किए जाने के आरोप पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए। व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे ‘आपराधिक’ करार देना स्वीकार्य नहीं है। सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी की पोस्ट को कोट करते हुए कहा कि उन्होंने बार-बार भारतीय उद्योग जगत और उद्यमियों की सफलताओं की आलोचना की है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या अब वह कारोबारी नेताओं को भी अपने साथ मिलाकर अविश्वास और नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में ‘लाइसेंस-कोटा राज’ के जरिए उद्यमियों की भावना को दबाया गया और करोड़ों भारतीय गरीबी में धकेले गए। केंद्र सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उद्योग जगत को रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख माध्यम मानती है। सरकार की नीतियां उद्योगों को समर्थन देने और निवेश बढ़ाने के लिए बनाई गई हैं।
सीतारमण ने कहा कि राजनीतिक दलों और संस्थानों की जिम्मेदारी उद्योगों का समर्थन करने, किसानों को मजबूत बनाने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने की है। उन्होंने राहुल गांधी पर न्यायपालिका का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा, “राहुल जी, हर जगह भूत-प्रेत देखने से बचें।” इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई कारोबारी नेता इस पर बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा। उन्होंने सवाल किया कि कारोबारी कब तक चुप रहेंगे और कहा कि भारतीय कारोबार मोदी और शाह के खिलौने नहीं हैं। गांधी ने इन कथित अपराधों के लिए न्याय दिलाने की बात भी कही।

