UP Budget 2026 Live: उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट आज पेश किया गया। यह बजट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट होने के कारण विशेष महत्व रखता है, खासकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे यूपी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट करार दिया है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट हर समाज और वर्ग की आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
#WATCH लखनऊ | उत्तर प्रदेश के फाइनेंस मिनिस्टर सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में राज्य का बजट 2026-27 पेश किया।
“हमारी सरकार के पिछले और मौजूदा समय में, राज्य में हर तरफ विकास हुआ है, चाहे वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करना हो, इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को बढ़ाना हो, इंडस्ट्रियल… pic.twitter.com/2sjELN0GCb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 11, 2026
राज्य में हर तरफ विकास हुआ-सुरेश खन्ना
“हमारी सरकार के पिछले और मौजूदा समय में, राज्य में हर तरफ विकास हुआ है, चाहे वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करना हो, इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को बढ़ाना हो, इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट हो, रोजगार पैदा करना हो, महिला सशक्तिकरण हो, युवाओं का स्किल डेवलपमेंट हो, किसानों की खुशहाली हो और गरीबी खत्म करना हो। साल 2024-2025 के लिए राज्य का GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले साल के मुकाबले 13.4 परसेंट ज़्यादा है।”
एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि किसानों के लिए एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का ऐलान किया। समर्थन मूल्य 30 रुपये क्विंटल बढ़ाने का ऐलान किया गया।
दो गुना से अधिक बढ़ी प्रति व्यक्ति आय
सरकार के त्वरित अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में प्रदेश की जी.एस.डी.पी. 30.25 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय अब 1,09,844 रुपये पहुंच गई है, जो 2016-17 में 54,564 रुपये थी। वर्ष 2025-26 में यह 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। यूपी में लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं, जबकि बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि
बजट गरीबों के सम्मान, युवाओं के स्वाभिमान, मातृ शक्ति और किसानों की समृद्धि को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उनका कहना है कि यह बजट राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत आधार बनेगा। सीएम योगी ने आगे कहा, “जन-जन के अटूट विश्वास और आशीर्वाद के कारण, हमारी सरकार लगातार 10वीं बार उत्तर प्रदेश विधान मंडल में सर्वसमावेशी विकास का बजट पेश कर रही है। वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट 25 करोड़ प्रदेशवासियों की आशाओं का ‘दशकीय प्रमाण’ है।”
विरोध और प्रतिक्रियाएं
बजट पेश होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायक विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने लगे। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यूपी सरकार का बजट आम लोगों, किसानों, मजदूरों और पिछड़े वर्ग के हित में नहीं है। पूर्व मंत्री शिवपाल यादव ने इसे “जुमलों का बजट” करार दिया। वहीं, रामगोपाल यादव ने कहा कि केंद्र का पिछला बजट गरीबों के लिए विफल रहा, ऐसे में इस बजट से उम्मीद करना मुश्किल है।
सरकार की प्रतिक्रिया
वहीं, सरकार के नेताओं ने बजट को ऐतिहासिक और सर्वसमावेशी बताया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसे गरीबों के उत्थान, महिला सशक्तिकरण और किसानों के विकास का साधन बताया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और मजदूरों पर केंद्रित है। मंत्री जयवीर सिंह ने इसे “बेहतरीन और सर्वस्पर्शी बजट” करार दिया।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह बजट ‘आत्मनिर्भर-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को नई दिशा देगा और $1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य की दिशा में राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करेगा।

