Flood havoc in Assam-Arunachal: पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। कई सड़कें टूट गई हैं, पुल बह गए हैं और हजारों लोगों का संपर्क दूसरे इलाकों से कट गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
अरुणाचल प्रदेश में भारी तबाही
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है। बचाव कार्य के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बहाव वाला पानी अपने साथ सड़कें, पुल और अन्य निर्माण कार्य बहाकर ले गया। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सबसे ज्यादा नुकसान पूर्वी कामेंग और पक्के केसांग जिलों के बीच बने पुल को हुआ है, जो तेज बहाव में टूट गया। इसके कारण राज्य के कम से कम छह जिलों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है।
🇮🇳 Absolutely terrifying footage from India shows a biker being swept away as a massive landslide tears down a mountainside after relentless rain in Arunachal Pradesh.
The landslide also blocked the Siji River.
Against all odds, the biker survived without injuries. A miracle…
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 29, 2026
असम में भी बिगड़े हालात
अरुणाचल प्रदेश से आने वाले बाढ़ के पानी ने असम के कई जिलों में भी स्थिति गंभीर बना दी है। धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, सोनितपुर समेत कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया है। धेमाजी जिले में केमी नदी पर बना 300 मीटर लंबा लोहे का पुल शनिवार, 28 जून को तेज बहाव में बह गया। इस पुल के बहने से केमी-पुराना जेलोम और जोनाई सदर के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हजारों लोगों की बढ़ी मुश्किलें
पुल टूटने और सड़कें बह जाने से हजारों लोगों का संपर्क बाहरी इलाकों से कट गया है। लोगों को खाने-पीने का सामान, दवाइयां और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर घरों में बाढ़ का पानी भर गया है और खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। असम के धेमाजी जिले में 20 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार जिले के चार राजस्व सर्किलों के 69 गांवों के करीब 16 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
#WATCH | Assam: Due to torrential rains in Arunachal Pradesh, the swollen rivers are causing severe devastation in the Assam-Arunachal border areas of Jonai, Assam.
More than 100 villages have been submerged due to the flood. Farms, houses, roads and other properties have been… pic.twitter.com/OoTx4AQmgh
— ANI (@ANI) June 29, 2026
सौ से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में
असम-अरुणाचल सीमा पर स्थित जोनाई क्षेत्र में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बहिर चिले ग्राम पंचायत के करीब 40 गांव और बहिर जोनाई ग्राम पंचायत के 60 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, घरों में पानी भर गया है और पशुधन का भी भारी नुकसान हुआ है। किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।
सरकार ने तेज किए राहत और बचाव कार्य
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए असम सरकार ने कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। राहत शिविर बनाए जा रहे हैं और प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार धेमाजी समेत सभी प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा और राहत कार्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

