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मणिपुर में बाढ़ ने मचाई तबाही, 1.7 लाख से अधिक लोग प्रभावित, कई अस्पताल हुए बंद

Floods in Manipur : मणिपुर में पिछले एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ आने से 1.7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि प्रभावित लोगों को करीब 80 राहत केंद्रों में शरण दी गयी है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि बाढ़ में करीब 36,000 घर डूब गए और करीब 102 स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें टूट गयीं और संचार व्यवस्थाएं ठप गयी हैं।

राज्य के मुख्य रेफरल अस्पताल जेएनआईएमएस समेत कई अस्पताल बंद कर दिए गए हैं। कई इलाकों के लोगों ने राज्य में बिजली कटौती और मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाओं में अनियमितता की शिकायत की है। भूस्खलन के कारण खाद्य पदार्थ, दवाइयां और आवशय़क वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से अधिकांश दुकानें बंद हैं। जल वितरण प्रणालियों के ठप होने के कारण लोगों को पेयजल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में इंटरनेट सेवाओं के बंद होने के कारण ऑनलाइन भुगतान नहीं हो पा रहा है और अधिकांश एटीएम बंद हैं।

लोग भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के राज्य के मुख्यालय की ओर रुख कर रहे हैं, जो बाढ़ से प्रभावित नहीं हुआ है। महिलाओं द्वारा संचालित इंफाल का मुख्य बाजार ख्वाइरामबंद कीथेल आवशय़क वस्तुओं के घटते स्टॉक के बीच चालू है। इंफाल पूर्वी जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, क्योंकि तीन मुख्य नदियाँ, इंफाल, इरिल और कोंगबा, खतरे के स्तर पर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि कांगपोकपी जिले में इंफाल और इरिल नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है।

असम राइफल्स, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपता प्रतिक्रिया मोचन (एनडीआरएफ), एमएमटीए, आरामबाई टेंगोल, मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति (सीओसीओएमआई), दमकल विभाग, रेड क्रॉस और अन्य स्वयंसेवकों द्वारा अब तक 4,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है, जिनमें ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक, बच्चे और अस्पताल में भर्ती मरीज शामिल हैं। सैकड़ों स्थानीय स्वयंसेवक उन लोगों को रोजाना पानी और भोजन उपलब्ध करा रहे हैं जो अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। असम राइफल्स, सेना और आरामबाई टेंगोल के जवान प्रभावित लोगों को दवाएं पहुंचाने और नावों के जरिए लोगों को ले जाने में मदद कर रहे हैं।

 

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