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Gold-Silver Price: त्योहारों से पहले सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव, क्या दिवाली तक गिरेंगे रेट

Gold Silver price

Gold-Silver Price Today: त्योहारों के मौसम में सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में आई गिरावट राहत की खबर लेकर आई है। धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन से पहले सोने के भाव में नरमी देखने को मिल रही है। ऐसे में खरीदारों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आने वाले दिनों में सोना और सस्ता होगा या फिर त्योहारी मांग के चलते इसकी कीमतें दोबारा तेजी पकड़ लेंगी?

MCX पर सोने के भाव में आई गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोने का वायदा भाव 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 1,46,482 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 1,46,519 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.3 फीसदी गिरकर 4,128.92 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में भी 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,148.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आखिर क्यों सस्ता हो रहा है सोना?

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम अहम भूमिका निभाते हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं और महंगाई की आशंकाओं के बीच निवेशक बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।

यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के दावों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। ऐसी परिस्थितियों में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का डर बढ़ सकता है।  अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो परिवहन और उत्पादन की लागत बढ़ सकती है। इससे महंगाई पर दबाव पड़ने और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति प्रभावित होने की आशंका रहती है।

ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोना नियमित ब्याज नहीं देता, इसलिए जब ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक होते हैं, तो सोने की मांग पर दबाव पड़ सकता है। दूसरी ओर, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग सोने को सहारा भी दे सकती है।

क्या दिवाली तक और सस्ता होगा सोना?

धनतेरस और दिवाली के दौरान भारत में सोने के सिक्कों, बार और आभूषणों की खरीदारी बढ़ जाती है। इसके बाद शादी का सीजन भी घरेलू मांग को मजबूत कर सकता है। इस वजह से त्योहारों तक सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी, इसकी निश्चित भविष्यवाणी करना मुश्किल है।

कीमतों की अगली दिशा तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये और डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां तथा निवेशकों की खरीदारी अहम रहेंगी। इसलिए मौजूदा गिरावट को सोना लगातार सस्ता होने का संकेत मानना सही नहीं होगा। बाजार में तेजी और गिरावट, दोनों की संभावना बनी रह सकती है।

₹1.60 लाख से ₹1.65 लाख तक जा सकता है भाव?

बाजार विश्लेषक अनुज गुप्ता के अनुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है। इस परिदृश्य में घरेलू बाजार में सोने की कीमत दिवाली या साल के अंत तक 1.60 लाख से 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में पहुंचने की संभावना जताई गई है।

इसी तरह, वेंचुरा सिक्योरिटीज की गोल्ड प्राइस आउटलुक रिपोर्ट में दिवाली 2026 से पहले सोने के लिए 1,50,000 रुपये से 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का संभावित दायरा बताया गया है। ये बाजार अनुमानों पर आधारित लक्ष्य हैं, न कि निश्चित कीमतें। वास्तविक भाव इससे कम या ज्यादा भी हो सकते हैं। निवेश करने से पहले मौजूदा बाजार परिस्थितियों और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

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अभी सोना खरीदें या इंतजार करें?

अगर आप धनतेरस या दिवाली पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी करने के बजाय कुछ बातों का ध्यान रखें।

Live Gold Rate देखें: खरीदारी से पहले अपने शहर में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का ताजा भाव जांचें।
Making Charges की तुलना करें: अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और अन्य लागतों में अंतर हो सकता है।
BIS Hallmark जरूर जांचें: आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और HUID की जानकारी की पुष्टि करें।
निवेश में सावधानी रखें: केवल कीमत बढ़ने की उम्मीद में एक साथ बड़ी रकम निवेश करने से बचें।
बिल लेना न भूलें: खरीदारी के समय वजन, शुद्धता, दर और अन्य शुल्कों वाला पक्का बिल जरूर लें।

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