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बिहार में विकास की गति तेज करने के लिए बीडीओ के नेतृत्व में समन्वय समिति का गठन

पटना: बिहार सरकार ने प्रदेश में विकास की गति को और तेज करने के लिए अपने ऐतिहासिक फ़ैसले के तहत प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के नेतृत्व में समन्वय समिति का गठन किया है।मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस . सिद्धार्थ के हस्ताक्षर से शुक्रवार को जारी संकल्प पत्र में कहा गया है कि राज्य में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर अलग अलग विभागों की संचालित योजनाओं के कार्यान्वयन, राजस्व संग्रहण एवं विधि व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग में पदाधिकारी नियुक्त किए गये हैं लेकिन इन पदाधिकारियों के बीच समन्वय का अभाव होने के कुछ मामले सामने आए हैं। ऐसे में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर पदस्थापित अलग अलग विभाग के अधिकारियों में बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने एवं उनके अधिकार क्षेत्र का निर्धारण करने के लिए प्रखंड एवं अंचल स्तर समन्वय समिति का गठन किया गया है।

प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति में सदस्य सचिव बीडीओ को बनाया गया है। इस समिति में अंचल अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बी पी आर ओ), कल्याण पदाधिकारी, आपूर्ति पदाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, सांख्यिकी पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, उद्योग विस्तार पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी (जीविका), कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), उद्यान पदाधिकारी, सहायक अभियंता और ज़लिा पदाधिकारी के प्रतिनिधि (वरीय उपसमाहर्ता) को सदस्य बनाया गया है।

प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक बीडीओ द्वारा ज़लिा पदाधिकारी के निर्धारित रोस्टर के अनुसार बुलाई जाएगी। यह बैठक एक महीने में कम से कम दो बार होगी। प्रत्येक सदस्य को बैठक में शामिल होना अनिवार्य होगा तथा अनुपस्थित होने की स्थिति में प्रत्येक सदस्य को बीडीओ को इसकी सूचना पूर्व में ही देनी होगी। बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर बीडीओ ज़लिा पदाधिकारी के माध्यम से इसकी सूचना संबंधित विभाग के प्रधान को देंगे। इस समिति का दायित्व सभी विभागों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करना, सभी विभागों के कार्य की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव एवं निर्देश देना, कार्य में त्रुटि, लापरवाही और विसंगति होने की स्थिति की जानकारी होने पर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए अनुशंसा करना है।

इसी तरह अंचल स्तरीय समन्वय समिति में अंचलाधिकारी सदस्य सचिव होंगे। वहीं, बीडीओ, थानाध्यक्ष, राजस्व अधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, ज़लिा पदाधिकारी के प्रतिनिधि और पुलिस अधीक्षक के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे। अंचल स्तरीय समन्वय समिति का दायित्व विधि व्यवस्था से संबंधित सभी महत्वपूर्ण ¨बदुओं पर थानाध्यक्ष से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्य करना, भूमि विवाद के निराकरण में प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई एवं निर्देश देना है।

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