देवरिया। पुराने प्लॉट सौदे से जुड़े एक विवादित मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर बुधवार को न्यायालय के आदेश पर 14 दिन के लिए जेल भेजे गए। यह मामला लगभग 25 वर्ष पहले औद्योगिक क्षेत्र में खरीदी गई जमीन के दस्तावेजों को लेकर उठे आरोपों से संबंधित है।
पेशी के दौरान भावुक हुए अमिताभ
अदालत में पेश किए जाने पर अमिताभ ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान उन्हें गंभीर खतरे की आशंका हुई। उन्होंने न्यायालय से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि वे कुछ तथ्य लिखकर देना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें अपनी जान पर खतरा महसूस हो रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और दिनभर की हलचल
बुधवार सुबह लखनऊ पुलिस उन्हें लेकर देवरिया पहुंची। कोतवाली में पूछताछ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और आम लोगों का प्रवेश रोक दिया गया। उनके पहुंचने की जानकारी फैलते ही आसपास लोगों की भीड़ बढ़ने लगी, जिसके बाद पुलिस उन्हें दूसरे स्थान पर ले गई।
आरोपों की पृष्ठभूमि
सितंबर में लखनऊ निवासी संजय शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 1999 में प्लॉट खरीद के लिए जिन दस्तावेजों का उपयोग किया गया, उनमें नाम और पते का विवरण वास्तविक जानकारी से अलग था। शिकायत के अनुसार बाद में संपत्ति को सही जानकारी के आधार पर बेचकर सरकारी संस्थाओं को भ्रमित किया गया।
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