विकासशील देशों में राष्ट्रीय शासन पर 2026 उच्च स्तरीय थिंक टैंक मंच 26 जून को चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित किया गया, जिसमें 20 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 100 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, विशेषज्ञों और विद्वानों ने भाग लिया, उन्होंने एक साथ मिलकर राजनीतिक पार्टियों के ऐतिहासिक मिशन और मूल्य पर चर्चा की।
यह मंच वैश्विक दक्षिण में आधुनिकीकरण और एकजुटता एवं सहयोग के मार्ग, राष्ट्रीय शासन प्रणाली में राजनीतिक पार्टियों की कार्यात्मक स्थिति, वैश्विक शासन प्रणाली के सुधार में मूल्य मार्गदर्शन, युवा संवर्धन आदि विषयों पर केंद्रित था।
प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और नेतृत्व करने में राजनीतिक पार्टियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्तमान में वैश्विक शासन व्यवस्था में बढ़ते घाटे के मद्देनजर, विकासशील देशों के राजनीतिक पार्टियों को विचारों का गहन आदान-प्रदान करने की और भी आवश्यकता है, ताकि वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में अधिक ज्ञान और शक्ति का योगदान दिया जा सके।
मंच में उपस्थित प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि वर्तमान में विश्व भर में 83 करोड़ से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी में जी रहे हैं और 2.3 अरब लोग खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और कई स्थानों पर सशस्त्र संघर्ष छिड़ रहे हैं। चीन ने वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल और वैश्विक शासन पहल का प्रस्ताव रखा है, जो वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान करती हैं।
प्रतिभगियों का मानना है कि चीन का अपना विकास भी विश्व, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए विकास के अधिक अवसर ला रहा है। ईयू एशिया सेंटर के सह-अध्यक्ष और पूर्व संयुक्त राष्ट्र उप महासचिव एरिक सोल्हेम ने प्रशंसा करते हुए कहा कि चीन से सीखने योग्य सबसे महत्वपूर्ण पाठों में से एक शांतिपूर्ण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता है।
उनका कहना है कि चीन हमेशा से घरेलू विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहा है और अपने विकास के माध्यम से वैश्विक आर्थिक विकास में योगदान दिया है। चीन ने विश्व का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ गरीबी उन्मूलन अभियान चलाया है। इसके साथ ही, चीन का पर्यावरण प्रबंधन भी विश्व स्तर पर सबसे प्रभावी है।
एरिक सोल्हेम ने कहा, “ये अनुभव विश्व को सिखाते हैं कि सशक्त और प्रभावी नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है और राष्ट्रीय शक्ति अपरिहार्य है। हमें मिलकर वैश्विक नियम बनाने होंगे ताकि हम स्वार्थपरक प्रतिस्पर्धा या अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति में न फंसें।”
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

