French Embassy Visa Scam : सीबीआई ने फ्रांसीसी दूतावास में हुए बड़े वीजा घोटाले के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ नई दिल्ली स्थित सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों में फ्रांसीसी दूतावास के वीजा विभाग में कार्यरत एक स्थानीय विधि अधिकारी, उसके पिता, भाई और पत्नी, दो वीजा एजेंट और दो बिचौलिए शामिल हैं। सीबीआई के अंतरराष्ट्रीय परिचालन प्रभाग ने नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास में वीजा धोखाधड़ी की सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया था।
जांच में पता चला कि जनवरी 2021 से मई 2022 के बीच आरोपी स्थानीय विधि अधिकारी ने पंजाब के वीजा आवेदकों को निशाना बनाया और शेंगेन वीजा दिलाने के नाम पर एक नेटवर्क के जरिए उनसे भारी मात्रा में पैसे वसूले। पंजाब स्थित वीजा एजेंटों के इस नेटवर्क ने प्रत्येक आवेदक से 13 लाख रुपये से 45 लाख रुपये तक वसूले और बदले में उनके वीजा आवेदनों पर कार्रवाई कर वीजा जारी कर दिए गए। वीजा जारी होने के बाद संबंधित दस्तावेज और फाइलें नष्ट कर दी गईं।
जांच के दौरान पंजाब और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई। इस पूरे घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता दो वीजा एजेंट थे, जिन्होंने कई बैंक खातों के जरिए आरोपी लॉ ऑफिसर और उसके परिवार को पैसे भेजे। इसमें दो बिचौलिए भी शामिल थे।
चार्जशीट में शुभम शौकीन, अभिषेक शौकीन, समुद्र सिंह, आरती चौधरी, बलविंदर सिंह बरतिया, प्रीतपाल सिंह, जशनदीप सिंह सिद्धू, भवन शौकीन के नाम शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध की संपत्तियों का पता लगाने के लिए सीबीआई के अंतरराष्ट्रीय परिचालन विभाग और अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई ने समन्वय किया और इस मामले में भारत का पहला सिल्वर नोटिस जारी करने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही सीबीआई ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से सबूत जुटाए।
सीबीआई का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने और भारत और विदेशों में धोखाधड़ी के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

